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पावर ग्रिड और झूलती लाइनों की नहीं हो रही मरम्मत
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पावर ग्रिड की हाइटेंशन लाइन और ऊर्जा निगम की झूलती विद्युत तारें ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई है। कई विद्युत लाइनों से शॉर्ट सर्किट होने के कारण ग्रामीण घायल हो चुके हैं। ग्रामीण लंबे समय से ग्रिड की लाइन और झूलती तारों की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है।
नरेंद्रनगर ब्लॉक के सौंटियालगांव, पपराणगांव, सुरखेत, नकोट समेत एक दर्जन से अधिक गांव के ऊपर से पावर ग्रिड की हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। लाइन गांव के कारण इन गांव के आसपास खतरा बना हुआ है। वर्ष 2014 में सौैंटियालगांव में पावर ग्रिड की लाइन पर शॉट सर्किट होने के कारण छह लोग घायल हो चुके हैं, जबकि विभिन्न समय में एक दर्जन से अधिक पशु भी करंट की चपेट में आ चुके हैं। जन कल्याण संघर्ष समिति कोटेश्वर के अध्यक्ष चतर सिंह, विनोद सिंह चौहान, बेताल सिंह, मूर्ति सिंह, जयपाल सिंह, कुंदन दास, दिल दास, शौक दास आदि का कहना है कि टिहरी और कोटेश्वर बांध को जाने वाले पावर ग्रिड की लाइन कई गांव के लिए खतरा बनी हुई है। ग्रिड ने गांव में तारों और टॉवरों का जाल बिछाया हुआ है, जिससे गांव में खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि या तो गांव से लाइन हटाई जाए व गांवों को पुनर्वास किया जाएगा। धनोल्टी के अलमस में 11 केवी की बिजली का तार खेतों के ऊपर झूल रहा था। अचानक तार खेतों में काम कर रहे लोगों के ऊपर गिर गया, जिससे दोनों की करंट लगने से मौत हो गई। प्रतापनगर के सौंदी गांव में भी जून 2021 में झूलती तारों के कारण करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही ढुंगमंदार, जाखणीधार, बूढ़ाकेदार, प्रतापनगर, जौनपुर, थौलधार क्षेत्र के दर्जनों गांव में बिजली की झूलती लाइन और जीर्णशीर्ण हो चुके पोलों को बदलने की मांग की जा रही है, लेकिन ऊर्जा निगम बजट का अभाव बताकर समस्या का निराकरण नहीं कर रहा है। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड के ईई अर्जुन प्रताप सिंह का कहना है कि विद्युत लाइनों की मरम्मत हेतु बजट के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलने पर मरम्मत कार्य किए जाएंगे।
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नरेंद्रनगर ब्लॉक के सौंटियालगांव, पपराणगांव, सुरखेत, नकोट समेत एक दर्जन से अधिक गांव के ऊपर से पावर ग्रिड की हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। लाइन गांव के कारण इन गांव के आसपास खतरा बना हुआ है। वर्ष 2014 में सौैंटियालगांव में पावर ग्रिड की लाइन पर शॉट सर्किट होने के कारण छह लोग घायल हो चुके हैं, जबकि विभिन्न समय में एक दर्जन से अधिक पशु भी करंट की चपेट में आ चुके हैं। जन कल्याण संघर्ष समिति कोटेश्वर के अध्यक्ष चतर सिंह, विनोद सिंह चौहान, बेताल सिंह, मूर्ति सिंह, जयपाल सिंह, कुंदन दास, दिल दास, शौक दास आदि का कहना है कि टिहरी और कोटेश्वर बांध को जाने वाले पावर ग्रिड की लाइन कई गांव के लिए खतरा बनी हुई है। ग्रिड ने गांव में तारों और टॉवरों का जाल बिछाया हुआ है, जिससे गांव में खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि या तो गांव से लाइन हटाई जाए व गांवों को पुनर्वास किया जाएगा। धनोल्टी के अलमस में 11 केवी की बिजली का तार खेतों के ऊपर झूल रहा था। अचानक तार खेतों में काम कर रहे लोगों के ऊपर गिर गया, जिससे दोनों की करंट लगने से मौत हो गई। प्रतापनगर के सौंदी गांव में भी जून 2021 में झूलती तारों के कारण करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही ढुंगमंदार, जाखणीधार, बूढ़ाकेदार, प्रतापनगर, जौनपुर, थौलधार क्षेत्र के दर्जनों गांव में बिजली की झूलती लाइन और जीर्णशीर्ण हो चुके पोलों को बदलने की मांग की जा रही है, लेकिन ऊर्जा निगम बजट का अभाव बताकर समस्या का निराकरण नहीं कर रहा है। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड के ईई अर्जुन प्रताप सिंह का कहना है कि विद्युत लाइनों की मरम्मत हेतु बजट के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलने पर मरम्मत कार्य किए जाएंगे।
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