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टिहरी झील क्षेत्र में धरातल पर नहीं उतरी विकास योजनाएं
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सरकार विकास के नाम पर दावे खूब कर रहे हैं, लेकिन सरकार के दावों की अधिकारी हवा निकाल रहे हैं। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन की योजना टिहरी झील क्षेत्र में धरातल पर नहीं उतर पा रही है। लोनिवि के अधिकारी दो साल में झील क्षेत्र में होने वाले पर्यटन विकास के कार्यों की डीपीआर तक नहीं बना पाए, जिसके चलते सरकार की ओर से जारी किए 50 लाख की धनराशि झील क्षेत्र के विकास पर खर्च नहीं हो पाई है।
दिसंबर 2018 में सरकार ने प्रत्येक जिले में पर्यटन विभाग को 50-50 लाख की धनराशि प्रथम किश्त के रूप में जारी कर होने वाले कार्यों की डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। लोनिवि ने एक-दो बार आधी-अधूरी डीपीआर भेजी थी, लेकिन उसमें कई खामियां होने के कारण पर्यटन विभाग ने लौटा दी। इस धनराशि से बोटों को खड़ा करने को जेटी, नए स्थानों पर बोट चलाने, पर्यटकों के लिए शौचालय, चेजिंग रूम, पानी की व्यवस्था, फुटपाथ, पार्क, दुकानें आदि बनाए जाने थे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। विधायक धन सिंह नेगी का कहना है कि लंबे समय बाद भी डीपीआर फाइनल न होना गंभीर बात है। जल्द संबंधित विभागों से इस संबंध में वार्ता जरूरी कार्यवाही की जाएगी।
झील क्षेत्र में पर्यटन विकास के कार्यों के लिए डीपीआर बनाई गई थी, लेकिन पर्यटन विभाग ने इसमें कुछ सुधार करने को कहा था। अब फिर से डीपीआर बनाई गई है।
-केएस नेगी, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी
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दिसंबर 2018 में सरकार ने प्रत्येक जिले में पर्यटन विभाग को 50-50 लाख की धनराशि प्रथम किश्त के रूप में जारी कर होने वाले कार्यों की डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। लोनिवि ने एक-दो बार आधी-अधूरी डीपीआर भेजी थी, लेकिन उसमें कई खामियां होने के कारण पर्यटन विभाग ने लौटा दी। इस धनराशि से बोटों को खड़ा करने को जेटी, नए स्थानों पर बोट चलाने, पर्यटकों के लिए शौचालय, चेजिंग रूम, पानी की व्यवस्था, फुटपाथ, पार्क, दुकानें आदि बनाए जाने थे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। विधायक धन सिंह नेगी का कहना है कि लंबे समय बाद भी डीपीआर फाइनल न होना गंभीर बात है। जल्द संबंधित विभागों से इस संबंध में वार्ता जरूरी कार्यवाही की जाएगी।
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झील क्षेत्र में पर्यटन विकास के कार्यों के लिए डीपीआर बनाई गई थी, लेकिन पर्यटन विभाग ने इसमें कुछ सुधार करने को कहा था। अब फिर से डीपीआर बनाई गई है।
-केएस नेगी, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी