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वर्षा जल संरक्षण का मॉडल ग्रामीणों के लिए बना वरदान
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:40 PM IST
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नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर रेंज में अलमस के समीप बागी नामे तोक पर वर्षा जल संरक्षण पर आधारित मॉडल ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है। वन विभाग की ओर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण कर ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत दिलाने में मददगार साबित हो रहा है। 2000 लीटर शुद्ध पेयजल का ग्रामीण उपयोग कर रहे हैं।
जौनपुर ब्लॉक के बागी नामे तोक में 45 परिवार निवासरत हैं। पिछले चार-पांच सालों से क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। बागी तोक के लोगों को बिथणी का खाला से पेयजल आपूर्ति होती है, जिस पर गर्मियों के दिनों में पानी कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोगों को गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए जूझना पड़ता है। स्थानीय लोगों को पानी संकट से राहत दिलाने के लिए वन विभाग ने वर्ष 2017 में 35 हजार की लागत से वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण किया। ग्रामीण रामचंद्र ने कहना है कि वन विभाग ने तोक में वर्षा जल संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया, जो कि वर्तमान में बेहद सफल है। इससे ग्रामीणों को गर्मियों में शुद्ध पेयजल के साथ ही पशुओं और नहाने के लिए पानी मिल पा रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी जौनपुर रेंज मनमोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्षा जल संरक्षण करने के लिए घर की छत के नीचे टंकी लगाई गई है। टंकी में बारिश का पानी एकत्रित होता है। पहली टंकी पर चैंबर लगाकर उसे दूसरी टंकी तक पहुंचाया जाता है, वहां पर फिल्टर लगाया गया है।
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जौनपुर ब्लॉक के बागी नामे तोक में 45 परिवार निवासरत हैं। पिछले चार-पांच सालों से क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। बागी तोक के लोगों को बिथणी का खाला से पेयजल आपूर्ति होती है, जिस पर गर्मियों के दिनों में पानी कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोगों को गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए जूझना पड़ता है। स्थानीय लोगों को पानी संकट से राहत दिलाने के लिए वन विभाग ने वर्ष 2017 में 35 हजार की लागत से वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण किया। ग्रामीण रामचंद्र ने कहना है कि वन विभाग ने तोक में वर्षा जल संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया, जो कि वर्तमान में बेहद सफल है। इससे ग्रामीणों को गर्मियों में शुद्ध पेयजल के साथ ही पशुओं और नहाने के लिए पानी मिल पा रहा है।
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वन क्षेत्राधिकारी जौनपुर रेंज मनमोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्षा जल संरक्षण करने के लिए घर की छत के नीचे टंकी लगाई गई है। टंकी में बारिश का पानी एकत्रित होता है। पहली टंकी पर चैंबर लगाकर उसे दूसरी टंकी तक पहुंचाया जाता है, वहां पर फिल्टर लगाया गया है।
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