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प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से बिगड़ रहा पर्यावरणीय संतुलन
Updated Sat, 09 Sep 2017 10:19 PM IST
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चंबा (टिहरी)। हिमालयी क्षेत्र में अनियोजित विकास, प्राकृतिक संसाधनों के निर्मम दोहन और शहरीकरण ने पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ दिया है। यह बात स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में हिमालय दिवस पर आयोजित कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने कही।
शनिवार को जिला प्रशासन की पहल पर एसआरटी परिसर में हिमालय दिवस पर आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का बताएं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष की जिला योजना हिमालय की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। परिसर के निदेशक प्रो. आरसी रमोला और जीव विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. एनके अग्रवाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता है। किसान कुंदन सिंह पंवार ने कहा कि उद्यानीकरण कर पलायन को रोका जा सकता है। अजयपाल सिंह पंवार ने जड़ी-बूटी एवं सगंध पौधों की जानकारी दी। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी, सीडीओ आशीष भटगांई, रागिनी भट्ट, डा. प्रमोद उनियाल, जयवीर सिंह कंडारी, सतबीर पुंडीर, राकेश कोठारी आदि मौजूद थे। हिमालय एजूकेशन और एनवायरमेंट डेवलपमेंट सोसाइटी ने धारमंडल और ढुंगमंदार के कई स्कूलों में प्रतियोगिता कराई। जीआईसी थत्यूड़ के छात्रों और वन विभाग ने जागरूकता रैली निकाली।
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