{"_id":"35c07e3a-b7d8-11e2-811c-d4ae52bc57c2","slug":"scholarship-scam-came-in-uttrakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रवृत्ति में सामने आया लाखों का घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रवृत्ति में सामने आया लाखों का घोटाला
हल्द्वानी/ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2013 05:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में संचालित उत्तर प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं में एससी-एसटी छात्रों की संख्या अधिक दिखाकर लाखों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का मामला प्रकाश में आया है।
विज्ञापन
यूपी समाज कल्याण निदेशालय की जांच में इसका खुलासा हुआ है। जांच में देहरादून स्थित बिहाइव कॉलेज में 164 छात्रों में से मात्र पांच छात्र छात्रवृत्ति के पात्र निकले।
विज्ञापन
गड़बड़झाला उजागर होने के बाद उत्तराखंड समाज कल्याण निदेशालय ने सभी जिला समाज कल्याण अफसरों को शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की तीन शिक्षण संस्थाएं उत्तराखंड में संचालित हैं, इसमें बिहाइव कॉलेज देहरादून, फोनिक्स ग्रुप इंस्टीट्यूट ऋषिकेश और गुरुनानक एजूकेशन इंस्टीट्यूट हरिद्वार शामिल है।
यहां अध्ययनरत अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति दशमोत्तर छात्रों को राज्य और केंद्र से छात्रवृत्ति दी जाती है।
गड़बड़ी की आशंका पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जिला समाज कल्याण अधिकारी सहारनपुर से यहां संचालित तीनों शिक्षण संस्थाओं की जांच कराई गई थी।
जांच में शिक्षण संस्थाओं में छात्रों की संख्या अधिक दर्शाकर छात्रवृत्ति और फीस की रकम लेने का खुलासा हुआ था।
यूपी की तीनों शिक्षण संस्थाओं में उत्तराखंड के भी छात्र अध्ययनरत हैं। सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को वर्ष 2011-12 और 2012-13 में दी गई अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।
- एनके शर्मा, उपनिदेशक समाज कल्याण निदेशालय