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कुमाऊं विश्वविद्यालय में एक हजार नई भर्तियां होंगी- धन सिंह
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रुद्रपुर जिला सहाकारी बैंक की वार्षिक बैठक को संबोधित करते सहकारिता मंत्री।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर, शैक्षिक कर्मियों समेत अन्य स्टाफ की कमी को देखते हुए जल्द एक हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी। साथ ही पांच हजार से अधिक छात्र संख्या वाले महाविद्यालयों में सहायक प्रोफेसरों के 10-10 पद बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बुधवार को उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री रावत ने सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज रुद्रपुर में पुस्तकालय भवन और प्राध्यापकों के आवासीय भवनों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय का छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए जल्द ही 40 लाख रुपये की किताबें और खरीदी जाएंगी। वर्तमान में पुस्तकालय में करीब 53 हजार पुस्तकें हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर दिग्री कॉलेज समेत राज्यभर के कॉलेजों में जहां भी छात्र संख्या पांच हजार से अधिक हैं, वहां सहायक प्राध्यापकों के 10-10 नए पद स्वीकृत किए जा रहे हैं। कुमाऊं विवि में प्राध्यापकों समेत अन्य स्टाफ की कमी को देखते हुए जल्द ही एक हजार नई भर्तियां की जाएंगी। रावत ने कहा कि जब तक नई भर्तियां नहीं होती हैं, सभी कॉलेजों के प्राचार्य नेट क्वालीफाई युवाओं को 25 हजार रुपये वेतन पर सहायक प्रोफेसरों के विकल्प के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त कर सकते हैं। पढ़ाने के लिए रखे जाने वाला अभ्यर्थी यूजीसी की गाइडलाइन में आना चाहिए। वहां विधायक राजकुमार ठुकराल, भारत भूषण चुघ आदि थे।
जांच कराएंगे आंदोलन कॉलेज का है या बाहर का : धन सिंह
रुद्रपुर। पिथौरागढ़ डिग्री कॉलेज में चल रहे आंदोलन पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इशारों में सवाल खड़े कर दिए। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आंदोलन में छात्रों की भूमिका न के बराबर है क्योंकि आजकल परीक्षाएं चल रही हैं। पिथौरागढ़ पहला ऐसा डिग्री कॉलेज है, जहां 102 प्रोफेसर हैं। भारत के किसी डिग्री कॉलेज में 50-55 से ज्यादा प्रोफेसर नहीं हैं। कहा कि इस कॉलेज में 5900 विद्यार्थियों के लिए एक लाख 12 हजार किताबें हैं। रुद्रपुर में छह हजार विद्यार्थियों के लिए 46 प्रोफेसर और 53 हजार किताबें हैं। आप ही न्याय करें कि आंदोलन कैसे हुआ। कहीं न कहीं आंदोलन में यह देखना पड़ेेगा कि यह किताबों के लिए है या राजनीति के लिए। आंदोलन में कुछ और चीजें हैं। कॉलेजों में शिक्षक और किताबों की कमी दूर करने को सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्र आंदोलन पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि इस आंदोलन में कुछ बाहरी लोग भी शामिल हैं। रावत ने कहा कि यदि वास्तव में कॉलेज में यदि पुस्तकों की कमी है तो जल्द ही पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। ब्यूरो
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मंत्री की नसीहत चुभी तो गेट पर रोक दिया
रुद्रपुर। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि छात्र नेता सिर्फ एक महीने ही चुनाव के दौरान विभिन्न मांगों को उठाते हैं और बाद में शांत हो जाते हैं। इस कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। इससे गुस्साए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट पर ताला लगाकर उनको रोक लिया।
रावत ने एसबीएस डिग्री कॉलेज में भौतिकी और रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लासेस, मिनी गोल्फ कोर्स और ऑडिटोरियम की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये के बजट की घोषणा की। रावत ने कहा कि कॉलेज में वर्तमान में अध्ययनरत 6,344 विद्यार्थियों के सापेक्ष 46 नियमित और अस्थायी प्राध्यापक तैनात हैं। नई नियुक्तियां शुरू होते ही प्राध्यापकों की कमी नहीं रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर आकर एबीवीपी के नगर मंत्री सौरव राठौर ने उच्च शिक्षा मंत्री रावत से कॉलेज में स्नातकोत्तर में जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित विषय आदि विज्ञान विषय शुरू करने की मांग की। इसके साथ ही विधायक राजकुमार ठुकराल ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर विज्ञान विषयों को जल्द शुरू करने की मांग की। विधायक व एबीवीपी की मांग पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा निदेशालय से इन विषयों की फाइल शासन में पहुंच चुकी है। यह फाइल वित्त व कार्मिक विभाग के बीच लटकी हुई है। वह इसके लिए प्रयासरत हैं। इतना कहने के बाद मंत्री ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि छात्र नेता सिर्फ एक महीने ही चुनाव के दौरान विभिन्न मांगों को उठाते हैं और बाद में शांत हो जाते हैं। इस कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है।
संभवत: मंत्री की यही बात एबीवीपी कार्यकर्ताओं को खल गई। इसके बाद सभी का आभार व्यक्त करते हुए जैसे ही मंत्री हॉल से बाहर निकले तो कॉलेज गेट पर ताला लगाकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से विषयों की मांग कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी नहीं की जा रही है। उन्होंने मंत्री से 20 जुलाई तक मांग पूरी न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। करीब पांच मिनट तक गेट बंद रहा। वहां रचित सिंह, सौरव राठौर, राहुल गुप्ता आदि थे।
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बुधवार को उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री रावत ने सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज रुद्रपुर में पुस्तकालय भवन और प्राध्यापकों के आवासीय भवनों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय का छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए जल्द ही 40 लाख रुपये की किताबें और खरीदी जाएंगी। वर्तमान में पुस्तकालय में करीब 53 हजार पुस्तकें हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर दिग्री कॉलेज समेत राज्यभर के कॉलेजों में जहां भी छात्र संख्या पांच हजार से अधिक हैं, वहां सहायक प्राध्यापकों के 10-10 नए पद स्वीकृत किए जा रहे हैं। कुमाऊं विवि में प्राध्यापकों समेत अन्य स्टाफ की कमी को देखते हुए जल्द ही एक हजार नई भर्तियां की जाएंगी। रावत ने कहा कि जब तक नई भर्तियां नहीं होती हैं, सभी कॉलेजों के प्राचार्य नेट क्वालीफाई युवाओं को 25 हजार रुपये वेतन पर सहायक प्रोफेसरों के विकल्प के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त कर सकते हैं। पढ़ाने के लिए रखे जाने वाला अभ्यर्थी यूजीसी की गाइडलाइन में आना चाहिए। वहां विधायक राजकुमार ठुकराल, भारत भूषण चुघ आदि थे।
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जांच कराएंगे आंदोलन कॉलेज का है या बाहर का : धन सिंह
रुद्रपुर। पिथौरागढ़ डिग्री कॉलेज में चल रहे आंदोलन पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इशारों में सवाल खड़े कर दिए। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आंदोलन में छात्रों की भूमिका न के बराबर है क्योंकि आजकल परीक्षाएं चल रही हैं। पिथौरागढ़ पहला ऐसा डिग्री कॉलेज है, जहां 102 प्रोफेसर हैं। भारत के किसी डिग्री कॉलेज में 50-55 से ज्यादा प्रोफेसर नहीं हैं। कहा कि इस कॉलेज में 5900 विद्यार्थियों के लिए एक लाख 12 हजार किताबें हैं। रुद्रपुर में छह हजार विद्यार्थियों के लिए 46 प्रोफेसर और 53 हजार किताबें हैं। आप ही न्याय करें कि आंदोलन कैसे हुआ। कहीं न कहीं आंदोलन में यह देखना पड़ेेगा कि यह किताबों के लिए है या राजनीति के लिए। आंदोलन में कुछ और चीजें हैं। कॉलेजों में शिक्षक और किताबों की कमी दूर करने को सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्र आंदोलन पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि इस आंदोलन में कुछ बाहरी लोग भी शामिल हैं। रावत ने कहा कि यदि वास्तव में कॉलेज में यदि पुस्तकों की कमी है तो जल्द ही पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। ब्यूरो
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मंत्री की नसीहत चुभी तो गेट पर रोक दिया
रुद्रपुर। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि छात्र नेता सिर्फ एक महीने ही चुनाव के दौरान विभिन्न मांगों को उठाते हैं और बाद में शांत हो जाते हैं। इस कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है। इससे गुस्साए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट पर ताला लगाकर उनको रोक लिया।
रावत ने एसबीएस डिग्री कॉलेज में भौतिकी और रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लासेस, मिनी गोल्फ कोर्स और ऑडिटोरियम की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये के बजट की घोषणा की। रावत ने कहा कि कॉलेज में वर्तमान में अध्ययनरत 6,344 विद्यार्थियों के सापेक्ष 46 नियमित और अस्थायी प्राध्यापक तैनात हैं। नई नियुक्तियां शुरू होते ही प्राध्यापकों की कमी नहीं रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर आकर एबीवीपी के नगर मंत्री सौरव राठौर ने उच्च शिक्षा मंत्री रावत से कॉलेज में स्नातकोत्तर में जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित विषय आदि विज्ञान विषय शुरू करने की मांग की। इसके साथ ही विधायक राजकुमार ठुकराल ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर विज्ञान विषयों को जल्द शुरू करने की मांग की। विधायक व एबीवीपी की मांग पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा निदेशालय से इन विषयों की फाइल शासन में पहुंच चुकी है। यह फाइल वित्त व कार्मिक विभाग के बीच लटकी हुई है। वह इसके लिए प्रयासरत हैं। इतना कहने के बाद मंत्री ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि छात्र नेता सिर्फ एक महीने ही चुनाव के दौरान विभिन्न मांगों को उठाते हैं और बाद में शांत हो जाते हैं। इस कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता है।
संभवत: मंत्री की यही बात एबीवीपी कार्यकर्ताओं को खल गई। इसके बाद सभी का आभार व्यक्त करते हुए जैसे ही मंत्री हॉल से बाहर निकले तो कॉलेज गेट पर ताला लगाकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से विषयों की मांग कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी नहीं की जा रही है। उन्होंने मंत्री से 20 जुलाई तक मांग पूरी न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। करीब पांच मिनट तक गेट बंद रहा। वहां रचित सिंह, सौरव राठौर, राहुल गुप्ता आदि थे।