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ग्रामीण स्वयं कर सकेंगे बिजली का उत्पादन
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 11 Jan 2016 06:41 PM IST
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बारहमास बहने वाले गाड़-गदेरों के निकट के गांवों को सरकार ने उरेडा के माध्यम से स्माल हाइड्रो पालिसी से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत, गांवों में अधिकतम दो मेगावाट तक की लघु जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण हो सकेगा। परियोजना का निर्माण ग्राम क्षेत्र व जिला पंचायत स्तर पर कर ग्रामीण स्वयं कर सकेंगे। बिजली उत्पादन और उपयोग के अलावा बिजली बेचकर वह अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकेंगे। सरकार इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए 90 फीसदी अनुदान भी देगी।
वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा एलडी शर्मा का कहना है कि स्माल हाइड्रो पालिसी में उरेडा को नोडल एजेंसी के तौर पर लघु जल विद्युत परियोजना के निर्माण और ग्रामीणों को तकनीकी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। जिले में रांसी, तुलंगा और बष्टी गांव को चिह्नित किया गया है, जिनका उरेडा प्रारंभिक सर्वे कर रहा है।
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वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा एलडी शर्मा का कहना है कि स्माल हाइड्रो पालिसी में उरेडा को नोडल एजेंसी के तौर पर लघु जल विद्युत परियोजना के निर्माण और ग्रामीणों को तकनीकी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। जिले में रांसी, तुलंगा और बष्टी गांव को चिह्नित किया गया है, जिनका उरेडा प्रारंभिक सर्वे कर रहा है।
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