फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Over ninety villages water crisis

नब्बे से अधिक गांवों में पानी का संकट

Wed, 25 Nov 2015 03:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग। Updated Wed, 25 Nov 2015 03:17 PM IST
विज्ञापन
जखोली ब्लाक के भरदार पट्टी के 12 ग्राम पंचायतों के लिए एक दशक पहले 12 करोड़ 96 लाख रुपये में जवाड़ी-रौठिया पेयजल लाइन स्वीकृत की गई। धनराशि खर्च होने के बाद भी योजना का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन


 सिलगढ़ पट्टी के 12 ग्राम पंचायतों के लिए 6 करोड़ 23 लाख रुपये की तैला-सिलगढ़ योजना भी छह वर्ष से पूरा होने की राह देख रही है। कार्यदायी संस्था जलनिगम की 38 छोटी-बड़ी पेयजल लाइनें वर्षों से अधर में हैं।
विज्ञापन



जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी का कहना है कि कई बार अवगत कराने के बाद भी जवाड़ी-रौंठिया योजना की सुध नहीं ली जा रही है। तिलवाड़ा के पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष मान सिंह जगवाण का कहना है कि विभाग की लापरवाही से लोग बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



पेयजल संकटग्रस्त गांव
जवाड़ी, रौंठिया, तैला, क्वीलाखाल, चाका, फलाटी, शीशौ, कंडाली, जैली, बंदरतोली, हाट, कुमड़ी, मूसढुंग, जखनोली, वाड, धारकोट, तिलवाड़ा बाजार, सुमाड़ी, रौठिया, जवाड़ी, नागपुर तल्ला क्षेत्र, पट्टी बच्छणस्यूं के गहड़, दानकोट, नौना, खाल्यू, पणधारा, सुनाऊं, कलेथ, बंगोली, निषणी सहित जिले में 90 से अधिक गांवों में भारी पेयजल संकट है।


यहां लगता है हैंडपंप पर ताला..
जिला मुख्यालय से करीब 8 किमी की दूरी पर स्थित रौंठिया गांव में पानी की समस्या कम नहीं है। ढाई सौ परिवारों वाले गांव के लोग बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। गांव के गागड़ तोक में जलसंस्थान ने पांच वर्ष पहले हैंडपंप लगाया। इस हैंडपंप से पानी बर्बाद न हो इसके लिए ग्रामीणों ने ताला लगाया रहता है। ग्रामीण सुबह और शाम हैंडपंप का ताला खोलकर एक-एक बर्तन पानी भरते हैं।

पानी बना पलायन का कारण .
जखोली ब्लाक का क्वीलाखाल गांव पानी के अभाव में खाली होने के कगार पर है। नब्बे के दशक में 120 परिवारों वाले गांव में सिर्फ 30 परिवार रह गए हैं, जिसमें 76 लोग हैं। इनमें अधिकांश 74 से 80 वर्ष की वृद्धाएं हैं। पीने के पानी के लिए ढाई किमी दूर तलपंदेरा की दौड़ लगानी पड़ रही है। विवाह व अन्य कार्यो में ग्रामीण मजदूरी में पानी मंगाते हैं।




अधिकांश पेयजल योजनाओं का निर्माण अंतिम चरण में है। कुछ योजनाओं पर विवाद होने से उनके निस्तरण के प्रयास हो रहे हैं। जवाड़ी-रौंठिया पेयजल लाइन का कार्य में स्वीकृत धन खर्च होने के कारण इन दिनों बंद है। शासन को 10 करोड़ का रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है।
--- एसके बरनवाल, ईई जलनिगम रुद्रप्रयाग 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed