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जीआईसी गुप्तकाशी के छात्र-छात्राओं ने अभिभावकों के साथ दिया धरना
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:24 PM IST
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गुप्तकाशी। शिक्षकों की मांग के लिए कक्षाओं का बहिष्कार कर आदर्श राजकीय इंटर कालेज गुप्तकाशी के छात्र अभिभावकों के साथ सड़कों पर उतर आए। जुलूस की शक्ल में मुख्य बाजार पहुंचे छात्रों और अभिभावकों ने शिक्षामंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर सांकेतिक जाम लगाया।
सोमवार सुबह 7.45 बजे जीआईसी पहुंचे कक्षा 6 से 12वीं के छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। शिक्षकों की मांग के लिए वह अभिभावकों के साथ जुलूस की शक्ल में लोनिवि निरीक्षण भवन होते हुए मुख्य बाजार पहुंचे। सरकार और शिक्षामंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर छात्र-छात्राओं व अभिभावकों ने हाईवे जाम किया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित 11 पद पड़े खाली है। ऐसे में बिन शिक्षकों के उनका भविष्य चौपट हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंटर स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, भौतिकी, जीव विज्ञान, भूगोल, गणित, राजनीति शास्त्र और एलटी में अंग्रेजी, हिंदी और व्यायाम शिक्षक नहीं होने से इन विषयों की अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। कहा कि वह, स्वयं ही अपने स्तर से पढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह नाकाफी है। इस मौके छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के आंदोलन को समर्थन देते हुए ग्राम प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष वीरेंद्र असवाल, प्रधान मदन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल, राय सिंह राणा, प्रेम सिंह नेगी, विपिन सेमवाल, सुभाष अंथवाल, भगत सिंह कोटवाल, कमल रावत, कुसुम नौटियाल, आलोक बगवाड़ी, एपी भट्ट आदि ने कहा कि जीआईसी गुप्तकाशी में केदारघाटी के कई गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। विद्यालय पहले से क्षेत्र की शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन शिक्षकों के अभाव में बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। उन्होंने 15 दिन में रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने पर आमरण अनशन, हाईवे पर चक्काजाम सहित सीईओ कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
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सोमवार सुबह 7.45 बजे जीआईसी पहुंचे कक्षा 6 से 12वीं के छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। शिक्षकों की मांग के लिए वह अभिभावकों के साथ जुलूस की शक्ल में लोनिवि निरीक्षण भवन होते हुए मुख्य बाजार पहुंचे। सरकार और शिक्षामंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर छात्र-छात्राओं व अभिभावकों ने हाईवे जाम किया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित 11 पद पड़े खाली है। ऐसे में बिन शिक्षकों के उनका भविष्य चौपट हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंटर स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, भौतिकी, जीव विज्ञान, भूगोल, गणित, राजनीति शास्त्र और एलटी में अंग्रेजी, हिंदी और व्यायाम शिक्षक नहीं होने से इन विषयों की अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। कहा कि वह, स्वयं ही अपने स्तर से पढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह नाकाफी है। इस मौके छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के आंदोलन को समर्थन देते हुए ग्राम प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष वीरेंद्र असवाल, प्रधान मदन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल, राय सिंह राणा, प्रेम सिंह नेगी, विपिन सेमवाल, सुभाष अंथवाल, भगत सिंह कोटवाल, कमल रावत, कुसुम नौटियाल, आलोक बगवाड़ी, एपी भट्ट आदि ने कहा कि जीआईसी गुप्तकाशी में केदारघाटी के कई गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। विद्यालय पहले से क्षेत्र की शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन शिक्षकों के अभाव में बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। उन्होंने 15 दिन में रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने पर आमरण अनशन, हाईवे पर चक्काजाम सहित सीईओ कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
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