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आपदा के बाद से नहीं बन सका कुसुमगाड़ में मोटर पुल
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:40 PM IST
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अगस्यमुनि। केदारनाथ विस के 10 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले भीरी-परकंडी-कंडारा मोटर मार्ग पर कुसुमगाड में दो वर्ष से पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। यहां वाहन गदेरे से होकर गुजर रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने विधायक मनोज रावत सहित जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग को स्थिति से अवगत कराते हुए बरसात से पूर्व पुल निर्माण पूरा करने की मांग की है।
क्षेत्र के जलई, सुरसाल, बेला बरसूडी, लालाकट्टा, इजरु बडियारी, औरिंग आदि गांवों को जोड़ने वाले भीरी-परकंडी-कंडारा मार्ग पर कुसुमगाड़ में जून 2013 में पुल बह गया था। तब, से यहां सड़क बदहाल बनी हुई है, यहां तक कि वाहन गदेरे से होकर आगे बढ़ रहे हैं। क्षेत्रीय जनता के आंदोलन के बाद वर्ष 2015 में लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ डिवीजन ने पुल निर्माण शुरू किया, लेकिन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र कंडारी ने बताया विभाग कछुवा गति से कार्य कर रहा है। एक वर्ष में पुल पर डेस्क स्लैब तक नहीं पड़ा है और कार्य भी बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने 31 मई तक पुल निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पुल निर्माण के लिए शासन से पर्याप्त बजट नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में बीते तीन वर्षों से निरंतर प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इस बार जिला योजना में भी इस पुल को शामिल किया गया है।
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-- मनोज दास, ईई लोनिवि ऊखीमठ
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क्षेत्र के जलई, सुरसाल, बेला बरसूडी, लालाकट्टा, इजरु बडियारी, औरिंग आदि गांवों को जोड़ने वाले भीरी-परकंडी-कंडारा मार्ग पर कुसुमगाड़ में जून 2013 में पुल बह गया था। तब, से यहां सड़क बदहाल बनी हुई है, यहां तक कि वाहन गदेरे से होकर आगे बढ़ रहे हैं। क्षेत्रीय जनता के आंदोलन के बाद वर्ष 2015 में लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ डिवीजन ने पुल निर्माण शुरू किया, लेकिन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र कंडारी ने बताया विभाग कछुवा गति से कार्य कर रहा है। एक वर्ष में पुल पर डेस्क स्लैब तक नहीं पड़ा है और कार्य भी बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने 31 मई तक पुल निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पुल निर्माण के लिए शासन से पर्याप्त बजट नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में बीते तीन वर्षों से निरंतर प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इस बार जिला योजना में भी इस पुल को शामिल किया गया है।
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-- मनोज दास, ईई लोनिवि ऊखीमठ