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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर जगह-जगह पर भूस्खलन से बढ़ा खतरा
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:49 PM IST
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रुद्रप्रयाग। बरसात से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर बदहाल हो गया है। लीला फैक्ट्री के समीप, डोलिया मंदिर और बडासू में भूस्खलन जोन सक्रिय होने से खतरा बढ़ रहा है। जिले में 19 संपर्क मोटर मार्ग बंद होने से कई गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। यहां राशन, सब्जी व अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी ठप हो गई है। कई गांवों के पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
शनिवार रात्रि को रुक-रुककर हुई बारिश से गौरीकुंड हाईवे, रविवार को दिनभर जगह-जगह पर बाधित होता रहा। तिलवाड़ा में लीसा फैक्ट्री के समाने पहाड़ी से भूस्खलन सक्रिय रहा। यहां पर मशीनों से मलबा साफ कर यातायात जल्द बहाल कर दिया गया था। फाटा में डोलिया मंदिर में स्थिति अति संवेदनशील हो गई है। पहाड़ी के ऊपरी तरफ भूस्खलन व नीचे से भूधंसाव के कारण करीब 100 मीटर सड़क खस्ताहाल हो गई है। एनएच की ओर से पहाड़ी को काटकर यातायात संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। मयाली-गुप्तकाशी, मयाली-घनसाली मोटर मार्ग की स्थिति भी बरसात से कई जगहों पर खराब हो गई है। जिले में 19 संपर्क मोटर मार्ग बंद होने से कई गांवों का निकट के बाजारों से संपर्क कट गया है। ऐसे में जरूरी सामग्री के लिए भी ग्रामीण मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं। एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गौरीकुंड हाईवे पर कई जगहों पर भूस्खलन जोन सक्रिय होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। प्रयास किया जा रहा है कि हाईवे कम से कम समय के लिए बंद हो। हाईवे खोलने के लिए मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है।
शनिवार रात्रि को रुक-रुककर हुई बारिश से गौरीकुंड हाईवे, रविवार को दिनभर जगह-जगह पर बाधित होता रहा। तिलवाड़ा में लीसा फैक्ट्री के समाने पहाड़ी से भूस्खलन सक्रिय रहा। यहां पर मशीनों से मलबा साफ कर यातायात जल्द बहाल कर दिया गया था। फाटा में डोलिया मंदिर में स्थिति अति संवेदनशील हो गई है। पहाड़ी के ऊपरी तरफ भूस्खलन व नीचे से भूधंसाव के कारण करीब 100 मीटर सड़क खस्ताहाल हो गई है। एनएच की ओर से पहाड़ी को काटकर यातायात संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। मयाली-गुप्तकाशी, मयाली-घनसाली मोटर मार्ग की स्थिति भी बरसात से कई जगहों पर खराब हो गई है। जिले में 19 संपर्क मोटर मार्ग बंद होने से कई गांवों का निकट के बाजारों से संपर्क कट गया है। ऐसे में जरूरी सामग्री के लिए भी ग्रामीण मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं। एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गौरीकुंड हाईवे पर कई जगहों पर भूस्खलन जोन सक्रिय होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। प्रयास किया जा रहा है कि हाईवे कम से कम समय के लिए बंद हो। हाईवे खोलने के लिए मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है।
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