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गौरीकुंड-केदारनाथ: चीरबासा पैदल मार्ग बहाल, दो हजार तीर्थयात्री धाम रवाना, संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारी तैनात
Sat, 12 Sep 2026 06:11 PM IST
Renu Saklani
संवाद न्यूज एजेंसी, फाटा (रुद्रप्रयाग)
संवाद न्यूज एजेंसी, फाटा (रुद्रप्रयाग)
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 12 Sep 2026 06:11 PM IST
सार
चीरबासा में चट्टान खिसकने और मलबा आने से दो दिन से बंद गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग शनिवार को फिर खोल दिया गया। मार्ग बहाल होने के बाद सोनप्रयाग में रोके गए करीब दो हजार तीर्थयात्रियों को मौसम सुधरते ही केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया।
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केदारनाथ पैदल मार्ग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में चट्टान खिसकने और मलबा आने से दो दिन से बाधित यात्रा मार्ग को शनिवार को घोड़े-खच्चरों और तीर्थ यात्रियों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया गया। मार्ग खुलने के बाद सोनप्रयाग में रोके गए करीब दो हजार तीर्थ यात्रियों को भी मौसम में सुधार होते ही केदारनाथ धाम के लिए रवाना कर दिया गया।
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बृहस्पतिवार देर रात चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से चट्टान और मलबा आने के कारण पैदल मार्ग पर आवाजाही बाधित हो गई थी। मार्ग बाधित होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से सोनप्रयाग से केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्रियों को वहीं रोक दिया गया था। हालांकि, बीच-बीच में मौसम अनुकूल होने पर कुछ यात्रियों को एहतियात के साथ गौरीकुंड की ओर भेजा जा रहा था।
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शनिवार को चीरबासा में मार्ग पूरी तरह खुलने के बाद पैदल मार्ग पर तीर्थ यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई और यात्रा मार्ग एक बार फिर श्रद्धालुओं से आवाजाही बढ़ी है। लोनिवि के गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच संवेदनशील स्थानों पर विभाग के कर्मचारी और मजदूर तैनात हैं। मार्ग बाधित होते ही मजदूर मार्ग पर कार्य कर आवाजाही बहाल करते हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के पास मार्ग खोलने के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध हैं।