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धारतोंदला गांव की 1000 नाली कृषि व आवासीय मकानों को खतरा
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:52 PM IST
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रुद्रप्रयाग। धनपुर पट्टी के ग्राम पंचायत धारतोंदला में चार आवासीय भवन व सैकड़ों नाली कृषि भूमि भूस्खलन की जद में आ गई है। लगातार हो रहे भू-धंसाव से गांव को खतरा बना हुआ है, जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्होंने शासन, प्रशासन से त्वरित सुरक्षा की मांग की है।
अगस्त्यमुनि ब्लाक के 200 परिवारों वाला धारतोंदला गांव के गणेशनगर तोक से कड़कोट गांव की सीमा तक भू-धंसाव हो रहा है। ग्राम प्रधान अनीता देवी का कहना है 2013 की आपदा के बाद से लगातार भूस्खलन हो रहा है। गांव के प्रेम सिंह, विक्रम सिंह, यशवीर सिंह और सोबत सिंह के आवासीय मकान पहले से खतरे की जद में हैं। जबकि पूरे गांव की 1000 नाली कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। पैदल मार्गों पर भी भू-धंसाव का असर पड़ रहा है। कहना है कि बीडीसी व तहसील दिवस के साथ ही जनता दरबार में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुध नहीं ली है। कहा कि बरसात में खासकर कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। उप प्रधान भगत सिंह, सभासद प्यारी देवी, विजयपाल सिंह, शिवदेई देवी, गायत्री देवी, राजेंद्र सिंह, सुलोचना देवी आदि का कहना है कि आपदा के बाद से गांव की खेती को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। ऐसे में कई परिवारों की आर्थिकी भी प्रभावित हुई है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ग्राम पंचायत धारतोंदला के बारे में ग्राम प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों से पूरी जानकारी ली जाएगी। साथ ही उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गांव का निरीक्षण करेगी। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अगस्त्यमुनि ब्लाक के 200 परिवारों वाला धारतोंदला गांव के गणेशनगर तोक से कड़कोट गांव की सीमा तक भू-धंसाव हो रहा है। ग्राम प्रधान अनीता देवी का कहना है 2013 की आपदा के बाद से लगातार भूस्खलन हो रहा है। गांव के प्रेम सिंह, विक्रम सिंह, यशवीर सिंह और सोबत सिंह के आवासीय मकान पहले से खतरे की जद में हैं। जबकि पूरे गांव की 1000 नाली कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। पैदल मार्गों पर भी भू-धंसाव का असर पड़ रहा है। कहना है कि बीडीसी व तहसील दिवस के साथ ही जनता दरबार में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुध नहीं ली है। कहा कि बरसात में खासकर कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। उप प्रधान भगत सिंह, सभासद प्यारी देवी, विजयपाल सिंह, शिवदेई देवी, गायत्री देवी, राजेंद्र सिंह, सुलोचना देवी आदि का कहना है कि आपदा के बाद से गांव की खेती को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। ऐसे में कई परिवारों की आर्थिकी भी प्रभावित हुई है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ग्राम पंचायत धारतोंदला के बारे में ग्राम प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों से पूरी जानकारी ली जाएगी। साथ ही उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गांव का निरीक्षण करेगी। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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