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पहाड़ी जिलों में पलायन सबसे बड़ी समस्या : चुफाल
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:33 PM IST
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रुद्रप्रयाग/श्रीनगर। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि पहाड़ी जिलों में पलायन सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्वतीय जनपदों में स्वरोजगार की संभावनाएं तलाशकर स्थानीय युवाओं को वहीं रोजगार देने की दिशा में काम कर रही है। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मसले पर उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार को लेना है। कहा कि स्थायी राजधानी बनाने से पहले वहां बुनियादी सुविधाएं जुटानी जरूरी है।
रुद्रप्रयाग में पत्रकारवार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उत्तराखंड में विषम भौगोलिक परिस्थितियां हैं, जिस कारण पर्वतीय जिलों में पलायन बड़ी समस्या बनती जा रही है। रोजगार के अभाव में गांव के गांव खाली होते जा रहे हैं। सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से पलायन को रोकना जरूरी है। हालांकि पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार लघु और कुटीर उद्योगों के जरिए रोजगार और स्वरोजगार देने का कार्य कर रही है।
चुफाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की यही मंशा है कि किसानों की आय दोगुनी हो। कृषि के क्षेत्र में जड़ी-बूटी की खेती हो। काश्तकारों को डेयरी के लिए दो प्रतिशत ऋण दिया जा रहा है। मत्स्य और मौन पालन के लिए काश्तकारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। काश्तकारों के उत्पादों को उचित मूल्य मिले, इसके लिए समितियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगले दो माह में सभी अस्पतालों में डॉक्टर भेजने जा रही है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिला महामंत्री अजय सेमवाल, नगर अध्यक्ष सुनील नौटियाल, पूर्व महामंत्री विक्रम कंडार, महेश डियूंडी, अनूप सेमवाल, सतेंद्र बत्र्वाल मौजूद थे।
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इधर, श्रीनगर के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में चुफाल ने कहा कि तबादला अधिनियम बनने के बाद पहाड़ के दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों के अस्पतालों एवं विद्यालयों में चिकित्सकों और शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता के साथ तबादला नीति बनाई है। इसमें किसी भी प्रकार के बिचौलियों की भूमिका नहीं रहेगी। तबादला अधिनियम का पालन हर किसी को करना पड़ेगा। एक्ट में दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मियों की सुविधाओं के लिए प्रावधान रखे गए हैं जिससे पहाड़ों पर चिकित्सकों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की कमी दूर होगी। इस मौके पर उनके साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत, महामंत्री अनूप बहुगुणा, व्यापार सभा अध्यक्ष बासुदेव कंडारी, कुशलानाथ, परमिंदर पंवार, चंद्रमोहन रावत, विपिन कंडारी, नरेंद्र कुंवर मौजूद थे।
रुद्रप्रयाग में पत्रकारवार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उत्तराखंड में विषम भौगोलिक परिस्थितियां हैं, जिस कारण पर्वतीय जिलों में पलायन बड़ी समस्या बनती जा रही है। रोजगार के अभाव में गांव के गांव खाली होते जा रहे हैं। सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से पलायन को रोकना जरूरी है। हालांकि पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार लघु और कुटीर उद्योगों के जरिए रोजगार और स्वरोजगार देने का कार्य कर रही है।
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चुफाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की यही मंशा है कि किसानों की आय दोगुनी हो। कृषि के क्षेत्र में जड़ी-बूटी की खेती हो। काश्तकारों को डेयरी के लिए दो प्रतिशत ऋण दिया जा रहा है। मत्स्य और मौन पालन के लिए काश्तकारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। काश्तकारों के उत्पादों को उचित मूल्य मिले, इसके लिए समितियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगले दो माह में सभी अस्पतालों में डॉक्टर भेजने जा रही है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिला महामंत्री अजय सेमवाल, नगर अध्यक्ष सुनील नौटियाल, पूर्व महामंत्री विक्रम कंडार, महेश डियूंडी, अनूप सेमवाल, सतेंद्र बत्र्वाल मौजूद थे।
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इधर, श्रीनगर के जीएमवीएन गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में चुफाल ने कहा कि तबादला अधिनियम बनने के बाद पहाड़ के दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों के अस्पतालों एवं विद्यालयों में चिकित्सकों और शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पारदर्शिता के साथ तबादला नीति बनाई है। इसमें किसी भी प्रकार के बिचौलियों की भूमिका नहीं रहेगी। तबादला अधिनियम का पालन हर किसी को करना पड़ेगा। एक्ट में दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मियों की सुविधाओं के लिए प्रावधान रखे गए हैं जिससे पहाड़ों पर चिकित्सकों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की कमी दूर होगी। इस मौके पर उनके साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत, महामंत्री अनूप बहुगुणा, व्यापार सभा अध्यक्ष बासुदेव कंडारी, कुशलानाथ, परमिंदर पंवार, चंद्रमोहन रावत, विपिन कंडारी, नरेंद्र कुंवर मौजूद थे।