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पिल्लू गांव के ग्रामीण सुअरों के आतंक से परेशान
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:55 PM IST
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अगस्त्यमुनि। विकासखंड के गणेशनगर क्षेत्र के पिल्लू गांव में बीते एक सप्ताह से जंगली सुअरों का उत्पात बना हुआ है। सुअरों ने जहां धान की खड़ी फसल चौपट कर दी वहीं, लोगों का जीना भी मुश्किल कर दिया है।
ग्रामीण हरेंद्र सिंह नेगी, विजय सिंह, चंद्र सिंह ने बताया कि सुअरों के उत्पात से न ग्रामीण सुरक्षित है और नहीं उनकी फसल। रात को सुअरों का झुंड गांवों में पहुंचकर उनकी खड़ी धान, मंडुआ, झंगोरा व दाल की फसलों को नष्ट कर रहे है। कहा कि सुअरों ने गांव की करीब 25 से 30 नाली भूमि पर लगी फसलों को रौंद दिया है। उन्होंने वन विभाग व प्रशासन से ग्रामीणों को जंगली सुअरों के उत्पात से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं अलावा गुगली व कालकोट गांवों में भी सुअरों का उत्पात बना हुआ है। गरीब क्रांति अभियान चकबंदी के सदस्य सत्यपाल सिंह नेगी का कहना है कि कृषि विभाग द्वारा वन्य जीवों से हो रहे नुकसान को कम से कम करने के लिए योजना बनानी चाहिए। समय-समय पर विभागीय टीम गांवों का भ्रमण कर काश्तकारों को न्याय पंचायत स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध कराए।
ग्रामीण हरेंद्र सिंह नेगी, विजय सिंह, चंद्र सिंह ने बताया कि सुअरों के उत्पात से न ग्रामीण सुरक्षित है और नहीं उनकी फसल। रात को सुअरों का झुंड गांवों में पहुंचकर उनकी खड़ी धान, मंडुआ, झंगोरा व दाल की फसलों को नष्ट कर रहे है। कहा कि सुअरों ने गांव की करीब 25 से 30 नाली भूमि पर लगी फसलों को रौंद दिया है। उन्होंने वन विभाग व प्रशासन से ग्रामीणों को जंगली सुअरों के उत्पात से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं अलावा गुगली व कालकोट गांवों में भी सुअरों का उत्पात बना हुआ है। गरीब क्रांति अभियान चकबंदी के सदस्य सत्यपाल सिंह नेगी का कहना है कि कृषि विभाग द्वारा वन्य जीवों से हो रहे नुकसान को कम से कम करने के लिए योजना बनानी चाहिए। समय-समय पर विभागीय टीम गांवों का भ्रमण कर काश्तकारों को न्याय पंचायत स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध कराए।
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