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विस्थापन सूची में जिले के दो गांवों के 116 परिवार शामिल
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अतिवृष्टि से प्रभावित ग्राम पंचायत सिरवाड़ी और उषाड़ा को भी विस्थापन की सूची में शामिल किया जा रहा है। यहां के कुल 116 परिवारों को अन्यत्र विस्थापित किया जाना है, इसके लिए प्रशासन द्वारा जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जनपद में अब विस्थापित होने वाले गांव 25 व परिवारों की संख्या बढ़कर 588 हो गई है। पांच गांवों के 56 परिवारों को उनकी ही भूमि पर अन्यत्र विस्थापित कर दिया गया है।
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा ने जनपद का भूगोल बदलकर रख दिया था। तब प्रभावित गांवों का सर्वेक्षण करते हुए 23 गांवों के 472 परिवारों को विस्थापन के लिए चिहिृृत किया था, लेकिन बीते सात वर्षों में अभी तक पहले चरण में पांजणा के 14, कविल्ठा के 7, सेमी तल्ला के 29, कुणजेठी के 4 और जाल तल्ला के दो परिवारों का ही उनकी ही भूमि पर अन्यत्र विस्थापन हो पाया है। जबकि 416 परिवार अब भी टकटकी लगाए अन्यत्र विस्थापित होने का इंतजार कर रहे हैं, जो पहले से सूची में शामिल हैं। अब, सिरवाड़ी व उषाड़ा गांव के 116 और परिवारों को सूची में शामिल करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रभावित वीर सिंह रौथाण, हुकुम सिंह, जेपी गौड़, सावन सिंह नेगी, दर्शनी पंवार आदि ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विस्थापन की राह देख रहे हैं। डीएम वंदन सिंह का कहना है कि इस बार की आपदा में प्रभावित सिरवाड़ी के देवी तोक व उषाड़ा के ताला व कैठाणी तोक को भी विस्थापन सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्यत्र चिह्नित भूमि के भू-गर्भीय सर्वेक्षण समेत अन्य औपचारिकताएं भी जल्द पूरी कर दी जाएगी।
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16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा ने जनपद का भूगोल बदलकर रख दिया था। तब प्रभावित गांवों का सर्वेक्षण करते हुए 23 गांवों के 472 परिवारों को विस्थापन के लिए चिहिृृत किया था, लेकिन बीते सात वर्षों में अभी तक पहले चरण में पांजणा के 14, कविल्ठा के 7, सेमी तल्ला के 29, कुणजेठी के 4 और जाल तल्ला के दो परिवारों का ही उनकी ही भूमि पर अन्यत्र विस्थापन हो पाया है। जबकि 416 परिवार अब भी टकटकी लगाए अन्यत्र विस्थापित होने का इंतजार कर रहे हैं, जो पहले से सूची में शामिल हैं। अब, सिरवाड़ी व उषाड़ा गांव के 116 और परिवारों को सूची में शामिल करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रभावित वीर सिंह रौथाण, हुकुम सिंह, जेपी गौड़, सावन सिंह नेगी, दर्शनी पंवार आदि ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विस्थापन की राह देख रहे हैं। डीएम वंदन सिंह का कहना है कि इस बार की आपदा में प्रभावित सिरवाड़ी के देवी तोक व उषाड़ा के ताला व कैठाणी तोक को भी विस्थापन सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्यत्र चिह्नित भूमि के भू-गर्भीय सर्वेक्षण समेत अन्य औपचारिकताएं भी जल्द पूरी कर दी जाएगी।
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