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सड़क पर जन्मा बच्चा, इलाज नहीं मिलने से हुई मौत
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:23 PM IST
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रुद्रप्रयाग। चमोली जिले के घाट ब्लाक के घुनी गांव निवासी मोहन सिंह का कहना है कि गोपेश्वर जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से उसे एंबुलेंस उपलब्ध करा दी गई होती तो शायद बच्चे की जान नहीं जाती। वह बीते मंगलवार को अपनी पत्नी को लेकर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर गया था। तब डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी थी। उसने अस्पताल प्रशासन से एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन उसे समय से एंबुलेंस नहीं उपलब्ध कराई गई।
बता दें कि मोहन सिंह बुधवार को गर्भवती पत्नी नंदी देवी (32) को प्रसव के लिए गोपेश्वर से जीएमओयू की बस से बेस अस्पताल श्रीनगर ले जा रहा था, लेकिन बस चालक ने दर्द से कराहती महिला को रास्ते में उतार दिया। महिला ने सड़क में ही बच्चे को जन्म दे दिया और समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे की मौत हो गई। महिला के पति मोहन सिंह ने बताया कि वह बीते मंगलवार को अपनी पत्नी को लेकर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर गया था। डॉक्टरों ने उसकी सभी जरूरी जांचें करने के बाद शाम चार बजे के बाद कहा कि सामान्य डिलीवरी होना संभव नहीं है। बच्चे की धड़कन काफी कम है, हायर सेंटर ले जाओ। उसने अस्पताल से एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई लेकिन एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई। मजबूरी में उसे अपनी पत्नी को बस से अस्पताल लाना पड़ा, जिससे रास्ते में ही उसकी तबियत खराब हो गई। उसने 108 सेवा को भी फोन लगाया था, लेकिन 108 नहीं पहुंची।
इधर, पूर्वाह्न करीब 11 बजे जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग से एंबुलेंस मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल लाई। यहां वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. डीवीएस रावत ने पीड़िता की जांच कर उसका उपचार किया। प्रसूता की हालत अब सामान्य है। इधर, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि नंदी देवी के परीक्षण के बाद उसे हायर सेंटर जाने की सलाह दी गई थी। पीड़िता के पति की तरफ से वाहन की मांग नहीं की गई। इसके बाद का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
बता दें कि मोहन सिंह बुधवार को गर्भवती पत्नी नंदी देवी (32) को प्रसव के लिए गोपेश्वर से जीएमओयू की बस से बेस अस्पताल श्रीनगर ले जा रहा था, लेकिन बस चालक ने दर्द से कराहती महिला को रास्ते में उतार दिया। महिला ने सड़क में ही बच्चे को जन्म दे दिया और समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे की मौत हो गई। महिला के पति मोहन सिंह ने बताया कि वह बीते मंगलवार को अपनी पत्नी को लेकर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर गया था। डॉक्टरों ने उसकी सभी जरूरी जांचें करने के बाद शाम चार बजे के बाद कहा कि सामान्य डिलीवरी होना संभव नहीं है। बच्चे की धड़कन काफी कम है, हायर सेंटर ले जाओ। उसने अस्पताल से एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई लेकिन एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई। मजबूरी में उसे अपनी पत्नी को बस से अस्पताल लाना पड़ा, जिससे रास्ते में ही उसकी तबियत खराब हो गई। उसने 108 सेवा को भी फोन लगाया था, लेकिन 108 नहीं पहुंची।
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इधर, पूर्वाह्न करीब 11 बजे जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग से एंबुलेंस मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल लाई। यहां वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. डीवीएस रावत ने पीड़िता की जांच कर उसका उपचार किया। प्रसूता की हालत अब सामान्य है। इधर, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि नंदी देवी के परीक्षण के बाद उसे हायर सेंटर जाने की सलाह दी गई थी। पीड़िता के पति की तरफ से वाहन की मांग नहीं की गई। इसके बाद का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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