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पोषण मेले में बताए कुपोषण से बचाव के तरीके
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सुल्तानपुर क्षेत्र के निहेंदपुर सुठारी गांव में बाल विकास परियोजना के द्वारा गर्भवती महिलाओं क?
- फोटो : ROORKEE
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शांतरशाह गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को राष्ट्रीय पोषण मेले में बच्चों और महिलाओं को कुपोषण से बचने के लिए जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान बेबी सैनी ने रंगोली प्रतियोगिता का जायजा लिया। इस दौरान विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी भारती तिवारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मवीर सिंह ने कुपोषण से बचाव के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सभी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा कराई गई। सुपरवाइजर लक्ष्मी यादव, नजमा मंसूरी, सुनीता जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर पौष्टिक आहार, फल, हरि सब्जी आदि से प्राप्त होने वाले पौष्टिक तत्व की जानकारी दी। महिलाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे पर जोर देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित दो से तीन माह की बेटियों का जन्मदिन भी मनाया गया। अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाव की जानकारी और पालक के बीज वितरित किये गए। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबलेश, बालेश, नीलम, दीपा, मुनेश, अनीता, संगीता, अंजू, सोनिका आदि मौजूद रहे।
रैली निकालकर किया कुपोषण के प्रति जागरूक
बाल विकास परियोजना मंगलौर के आंगनबाड़ी केंद्र सरावज्ञान एक की ओर से महापोषण रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं व किशोरियों को कुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी गई।
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बुधवार को आयोजित रैली का नेतृत्व करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जीनत जारा ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा। सरकार और बाल विकास विभाग कुपोषण से लड़ने के लिए महिलाओं के साथ पूरी तरह से खड़ा है। इसके लिए कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे कुपोषण से लड़ने के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन पर ध्यान दे। इसके साथ ही सरकार के द्वारा कुपोषण से लड़ने के लिए कई योजना का संचालन भी किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं को तीन साल से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी भेजने का आह्वान किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जीनत जारा, निसार, शायरा बानो, अफसाना, जमशीदा, सामिया, रिंकी, पूनम, मेधा आदि शामिल रही। बुधवार को सुपरवाइजर सुषमा रावत के नेतृत्व में पोषण मेले के तहत शफीपुर में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व प्रधान कमला बमोला ने शफीपुर ने गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को पोषण के प्रति जागरूक किया। वहीं सुपरवाइजर कल्पना देवली व संजेश ने नंदा गौरा योजना की विस्तार से जानकारी दी।
महिलाएं खानपान पर रखे विशेष ध्यान
गर्भवती महिलाओं के साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु के विकास की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए मुंडाखेड़ा मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पर गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को मुंडाखेड़ा गांव में स्थित मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विभागीय सुपरवाइजर पार्वती देवी ने कहा कि हमें अपने खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि खाने के दौरान हमें भोजन से वह सभी चीजें मिलनी चाहिए, जिनकी हमारे शरीर को जरूरत है। कार्यक्रम में मधु शर्मा, प्रवीण कुमारी, मुन्नी देवी व ममता रानी ने गर्भवती महिलाओं को उनके खानपान की बाबत जानकारी दी। कार्यक्रम में रेखा, मोहिनी, गुलिस्ता, रेशमा, हिना, सारीन व रुबीना आदि अनेक शामिल रही।
‘अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे गर्भवती महिलाएं’
बाल विकास परियोजना की ओर से राष्ट्रीय पोषण मेले के तहत निहेंदपुर सुठारी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र नंबर एक पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें तीन से छह वर्ष के बच्चों को बैग, पुस्तकेें किट आदि वितरित की गई है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आंगनबाड़ी सुपरवाइजर अंजू रानी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम युक्त भोजन लेना चाहिए। इससे गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं। गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम से भरपूर भोजन का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना काफी महत्वपूर्ण है, जो गर्भवती महिला पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन नहीं करती उसे बाद में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान सबनूर जहां, पोपल देवी, अलका देवी, पूनम, कोसर जहां, हुस्न जहां आदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने सहयोग किया है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी भारती तिवारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मवीर सिंह ने कुपोषण से बचाव के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सभी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा कराई गई। सुपरवाइजर लक्ष्मी यादव, नजमा मंसूरी, सुनीता जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर पौष्टिक आहार, फल, हरि सब्जी आदि से प्राप्त होने वाले पौष्टिक तत्व की जानकारी दी। महिलाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे पर जोर देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित दो से तीन माह की बेटियों का जन्मदिन भी मनाया गया। अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाव की जानकारी और पालक के बीज वितरित किये गए। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबलेश, बालेश, नीलम, दीपा, मुनेश, अनीता, संगीता, अंजू, सोनिका आदि मौजूद रहे।
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रैली निकालकर किया कुपोषण के प्रति जागरूक
बाल विकास परियोजना मंगलौर के आंगनबाड़ी केंद्र सरावज्ञान एक की ओर से महापोषण रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं व किशोरियों को कुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी गई।
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बुधवार को आयोजित रैली का नेतृत्व करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जीनत जारा ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा। सरकार और बाल विकास विभाग कुपोषण से लड़ने के लिए महिलाओं के साथ पूरी तरह से खड़ा है। इसके लिए कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे कुपोषण से लड़ने के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन पर ध्यान दे। इसके साथ ही सरकार के द्वारा कुपोषण से लड़ने के लिए कई योजना का संचालन भी किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं को तीन साल से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी भेजने का आह्वान किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जीनत जारा, निसार, शायरा बानो, अफसाना, जमशीदा, सामिया, रिंकी, पूनम, मेधा आदि शामिल रही। बुधवार को सुपरवाइजर सुषमा रावत के नेतृत्व में पोषण मेले के तहत शफीपुर में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व प्रधान कमला बमोला ने शफीपुर ने गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को पोषण के प्रति जागरूक किया। वहीं सुपरवाइजर कल्पना देवली व संजेश ने नंदा गौरा योजना की विस्तार से जानकारी दी।
महिलाएं खानपान पर रखे विशेष ध्यान
गर्भवती महिलाओं के साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु के विकास की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए मुंडाखेड़ा मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पर गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को मुंडाखेड़ा गांव में स्थित मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विभागीय सुपरवाइजर पार्वती देवी ने कहा कि हमें अपने खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि खाने के दौरान हमें भोजन से वह सभी चीजें मिलनी चाहिए, जिनकी हमारे शरीर को जरूरत है। कार्यक्रम में मधु शर्मा, प्रवीण कुमारी, मुन्नी देवी व ममता रानी ने गर्भवती महिलाओं को उनके खानपान की बाबत जानकारी दी। कार्यक्रम में रेखा, मोहिनी, गुलिस्ता, रेशमा, हिना, सारीन व रुबीना आदि अनेक शामिल रही।
‘अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे गर्भवती महिलाएं’
बाल विकास परियोजना की ओर से राष्ट्रीय पोषण मेले के तहत निहेंदपुर सुठारी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र नंबर एक पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें तीन से छह वर्ष के बच्चों को बैग, पुस्तकेें किट आदि वितरित की गई है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आंगनबाड़ी सुपरवाइजर अंजू रानी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम युक्त भोजन लेना चाहिए। इससे गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं। गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम से भरपूर भोजन का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना काफी महत्वपूर्ण है, जो गर्भवती महिला पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन नहीं करती उसे बाद में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान सबनूर जहां, पोपल देवी, अलका देवी, पूनम, कोसर जहां, हुस्न जहां आदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने सहयोग किया है।