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ग्राम प्रधानों ने बीडीओ व डीपीओ के खिलाफ की नारेबाजी
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लक्सर। क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के तहत सरकार से मिली धनराशि के आवंटन में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र विकास अधिकारी (बीडीओ) और मनरेगा के परियोजना अधिकारी (डीपीओ) के खिलाफ जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। साथ ही बीडीओ के खिलाफ जांच करने आई जिलास्तरीय टीम से भी इस बारे में शिकायत की।
बीडीओ पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने हरिद्वार जिला मुख्यालय से एक टीम शुक्रवार को लक्सर ब्लॉक मुख्यालय पर आई थी। इस बीच क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्राम प्रधान ब्लॉक पहुंच गए। उन्होंने बीडीओ और मनरेगा डीपीओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ग्राम प्रधानों का कहना था कि ब्लॉक में मनरेगा के तहत 38 लाख रुपये की धनराशि मिली थी, लेकिन उसमें से केवल 14 पंचायतों को ही धनराशि बांटी गई है। 36 पंचायतों को एक रुपया भी नहीं दिया गया। आरोप है कि बीडीओ और डीपीओ ने अपने चहेते प्रधानों और पंचायत सचिवों से मिलीभगत कर उन्हें पैसा जारी कर दिया।
कुछ ग्राम प्रधानों के साथ पूरी तरह भेदभाव किया जा रहा है। वहीं, इस बारे में बीडीओ चंदनलाल राही का कहना था कि जिन पंचायतों के बिल की फीडिंग हुई है, उन्हें ही पैसे जारी किया गया है। अन्य पंचायतों को बजट आने पर पैसा दिया जाएगा। जबकि ग्राम प्रधानों का कहना था कि उन्होंने पहले ही गांव में कराए गए मनरेगा कार्यों के बिल जमा कराए हैं, लेकिन कंप्यूटर में उनकी फीडिंग करने का कार्य ब्लॉक के कर्मचारियों का है। उनका कहना था कि ब्लॉक मुख्यालय के कर्मचारी समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से ग्राम प्रधानों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके बाद ग्राम प्रधानों ने जिला स्तरीय टीम को बीडीओ और डीपीओ के खिलाफ एक शिकायती पत्र भी सौंपा। हंगामा करने वालों में प्रधान राकेश कुमार, सतबीर चौधरी, कर्णपाल चौधरी, प्रदीप कुमार व आजाद सिंह शामिल रहे।
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बीडीओ पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने हरिद्वार जिला मुख्यालय से एक टीम शुक्रवार को लक्सर ब्लॉक मुख्यालय पर आई थी। इस बीच क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्राम प्रधान ब्लॉक पहुंच गए। उन्होंने बीडीओ और मनरेगा डीपीओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ग्राम प्रधानों का कहना था कि ब्लॉक में मनरेगा के तहत 38 लाख रुपये की धनराशि मिली थी, लेकिन उसमें से केवल 14 पंचायतों को ही धनराशि बांटी गई है। 36 पंचायतों को एक रुपया भी नहीं दिया गया। आरोप है कि बीडीओ और डीपीओ ने अपने चहेते प्रधानों और पंचायत सचिवों से मिलीभगत कर उन्हें पैसा जारी कर दिया।
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कुछ ग्राम प्रधानों के साथ पूरी तरह भेदभाव किया जा रहा है। वहीं, इस बारे में बीडीओ चंदनलाल राही का कहना था कि जिन पंचायतों के बिल की फीडिंग हुई है, उन्हें ही पैसे जारी किया गया है। अन्य पंचायतों को बजट आने पर पैसा दिया जाएगा। जबकि ग्राम प्रधानों का कहना था कि उन्होंने पहले ही गांव में कराए गए मनरेगा कार्यों के बिल जमा कराए हैं, लेकिन कंप्यूटर में उनकी फीडिंग करने का कार्य ब्लॉक के कर्मचारियों का है। उनका कहना था कि ब्लॉक मुख्यालय के कर्मचारी समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से ग्राम प्रधानों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके बाद ग्राम प्रधानों ने जिला स्तरीय टीम को बीडीओ और डीपीओ के खिलाफ एक शिकायती पत्र भी सौंपा। हंगामा करने वालों में प्रधान राकेश कुमार, सतबीर चौधरी, कर्णपाल चौधरी, प्रदीप कुमार व आजाद सिंह शामिल रहे।
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