फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   See verse teaches: Ashok Vajpayee

देखना सिखाती है कविता : अशोक वाजपेयी

Mon, 14 Dec 2015 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Mon, 14 Dec 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन

रुड़की। जिनका कोई नाम नहीं होता, उन्हें नाम देती है कविता, जिनकी आवाज नहीं होती है, उन्हें आवाज देती है कविता। वास्तव में हमें सही अर्थों में देखना सिखाती है कविता। यह बात ख्यातिप्राप्त साहित्यकार अशोक वाजपेयी ने आईआईटी स्पिक मैके के कार्यक्रम में आयोजित व्याख्यान के दौरान कही।

विज्ञापन

सोमवार को साहित्यकार अशोक वायपेयी ने खचाखच भरे दीक्षांत भवन में शब्दों के जादू से श्रोताओं को अपने पाश में बांध लिया। उन्होंने अपने निराले अंदाज में कविताओं की कई पंक्तियों से मन को मोह लिया। इस दौरान उन्होंने कविता के मर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही अर्थों में कविता हमें देखना सिखाती है। हमें एकांत का अहसास कराती है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक पंथ के मार्ग को सफलता के रूप में प्रदर्शित करने का प्रयास कर रही है। लेकिन हमारा देश बड़ा उदाहरण हे जिसमें यह साबित होता कि बहुलता की संस्कृतियां ही हमें जोड़ती है। इस दौरान उन्होंने चिडिय़ा की प्रार्थना, आगे पीछे और प्रार्थना कविता आदि प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed