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नोटबंदी से थमी हाउसिंग और कार लोन की रफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Mon, 09 Jan 2017 10:33 PM IST
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नोटबंदी के बाद से एक ओर जहां लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बैंकों में हाउसिंग और कार लोन की रफ्तार मंद पड़ गई है। स्थिति यह है कि एसबीआई मुख्य शाखा रुड़की से पहले जहां माह में करीब 15 लोन स्वीकृत होते थे, वहीं पिछले दो माह में बमुश्किल पांच हाउसिंग लोन स्वीकृत हो सके हैं। दूसरी ओर कार लोन में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
नोटबंदी के 20 दिन बाद भी शहर और आसपास के बैंकों की शाखाओं में स्थिति सामान्य होने का नाम नहीं ले रही है। इसका व्यापक असर हाउसिंग और कार लोन पर पड़ा है। एसबीआई मुख्य शाखा से पहले जहां माह में औसतन 15 लोन स्वीकृत हो जाते थे, वहीं नोटबंदी से दो माह बाद भी इतने लोन नहीं हो पाए हैं। अन्य बैंकों की शाखाओं में भी हाउसिंग और कार लोन में नोटबंदी के बाद से गिरावट दर्ज की गई है। एसबीआई रुड़की के मुख्य शाखा प्रबंधक जयशंकर का कहना है कि संभवत: नगदी की समस्या के कारण हाउसिंग और कार लोन की संख्या में गिरावट आई है। उनका कहना है कि इस संबंध में बैंकों की ओर से कोई रुकावट नहीं है। कारण कि लोन स्वीकृत होने की स्थिति में उपभोक्ता के खाते में संबंधित राशि ट्रांसफर कर दी जाती है। दूसरी ओर पीएनबी के मुख्य शाखा प्रबंधक खुर्शीद आलम भी मानते हैं कि नोटबंदी के बाद हाउसिंग और कार लोन कम हुए हैं।
नोटबंदी के 20 दिन बाद भी शहर और आसपास के बैंकों की शाखाओं में स्थिति सामान्य होने का नाम नहीं ले रही है। इसका व्यापक असर हाउसिंग और कार लोन पर पड़ा है। एसबीआई मुख्य शाखा से पहले जहां माह में औसतन 15 लोन स्वीकृत हो जाते थे, वहीं नोटबंदी से दो माह बाद भी इतने लोन नहीं हो पाए हैं। अन्य बैंकों की शाखाओं में भी हाउसिंग और कार लोन में नोटबंदी के बाद से गिरावट दर्ज की गई है। एसबीआई रुड़की के मुख्य शाखा प्रबंधक जयशंकर का कहना है कि संभवत: नगदी की समस्या के कारण हाउसिंग और कार लोन की संख्या में गिरावट आई है। उनका कहना है कि इस संबंध में बैंकों की ओर से कोई रुकावट नहीं है। कारण कि लोन स्वीकृत होने की स्थिति में उपभोक्ता के खाते में संबंधित राशि ट्रांसफर कर दी जाती है। दूसरी ओर पीएनबी के मुख्य शाखा प्रबंधक खुर्शीद आलम भी मानते हैं कि नोटबंदी के बाद हाउसिंग और कार लोन कम हुए हैं।
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