फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Keep cutting the branch on which you sit.

जिस डाल पर बैठे उसे ही काटते रहे

Sun, 02 Oct 2022 11:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 11:42 PM IST
सार

बार-बार संगठन में बदलाव और बड़े नेताओं के निष्कासन के बाद वापसी जैसे निर्णयों के कारण पार्टी खोई हुई जमीन लौटाने की जद्दोजहद कर रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले में दो सीटें जीतने पर यह उम्मीद पैदा हुई थी कि अब पार्टी में जान आएगी। मंच पर आकर पार्टी के ही प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल देने से यह बात स्पष्ट हो गई है कि दोनों विधायकों ने जिला पंचायत चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है बल्कि राजनीतिक गलियारों में विधायकों पर पार्टी प्रत्याशियों को हराने के लिए काम करने की चर्चाएं भी हो रही हैं।

विज्ञापन
Keep cutting the branch on which you sit.

विस्तार

जिस डाली पर बैठे, उसे ही काटते रहे। कभी जिले में विधानसभा में आठ सीटें जीतकर सरकार में भागीदारी करने वाली बसपा की हालत कुछ ऐसी ही हो गई है। बार-बार संगठन में बदलाव और बड़े नेताओं के निष्कासन के बाद वापसी जैसे निर्णयों के कारण पार्टी खोई हुई जमीन लौटाने की जद्दोजहद कर रही है।
विज्ञापन

2008 के विधानसभा चुनाव में आठ और 2007 के विधानसभा चुनाव में सात सीटें जीतने वाली बहुजन समाज पार्टी 2017 के विधानसभा चुनाव में शून्य पर पहुंच गई। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले में दो सीटें जीतने पर यह उम्मीद पैदा हुई थी कि अब पार्टी में जान आएगी। इसी के कारण माना जा रहा था कि जिला पंचायत चुनाव में भी बसपा शानदार प्रदर्शन कर सकती है लेकिन एक बार फिर वही हश्र देखने को मिला।
विज्ञापन

रविवार को पार्टी के दो विधायकों ने प्रेस कांफ्रेंस कर अंदरूनी हकीकत को साफ भी कर दिया है। मंच पर आकर पार्टी के ही प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल देने से यह बात स्पष्ट हो गई है कि दोनों विधायकों ने जिला पंचायत चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है बल्कि राजनीतिक गलियारों में विधायकों पर पार्टी प्रत्याशियों को हराने के लिए काम करने की चर्चाएं भी हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार एक दूसरे को नीचा दिखाने के चलते ही पार्टी का नुकसान करने की कोशिशों के चलते बसपा की यह हालत हो गई है। अब इसमें भी कोई अचंभा नहीं होगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी समेत तमाम पदाधिकारियों की संगठन से छुट्टी कर दी जाए। खुद लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद दो बार पार्टी से निष्कासित किए गए। ऐसे में अब देखना होगा कि पंचायत चुनावों के परिणामों से बसपा कोई सबक हासिल करती है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed