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अशासकीय स्कूलों का अस्तित्व समाप्त करना चाहती है सरकार

Wed, 23 Dec 2020 11:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:54 PM IST
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Government wants to end the existence of private schools
खानपुर स्थित नेशनल कन्या इंटर कालेज में आयोजित उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक में विचार ? - फोटो : ROORKEE
उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर आयोजित कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर अशासकीय स्कूलों का अस्तित्व समाप्त करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
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बुधवार को नेशनल कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजेश सैनी ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों का अनुदान समाप्त करने की सरकार की मंशा कभी पूरी नहीं हो पाएगी। कहा कि शिक्षकों के हितों को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक भोपाल सिंह सैनी ने कहा कि लंबे संघर्ष एवं बलिदान के बाद अशासकीय शिक्षकों के लिए वेतन वितरण अधिनियम 1971 पारित किया गया था, जिसके फलस्वरूप आज सभी शिक्षकों को केंद्रीय शिक्षकों के समान वेतन मिल रहा है। जिला महामंत्री जितेंद्र पुंडीर ने संगठन की मजबूती पर बल दिया। प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य आजाद सिंह ने कहा कि सभी शिक्षकों को संगठन के प्रत्येक कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति देने की बात कही। इस दौरान शाखा अध्यक्ष डॉ. घनश्याम गुप्ता, पारस, रविंद्र कुमार, प्रमोद कुमार शर्मा, मुकेश कुमार, मीनू यादव, सविता धारीवाल, पकंज कुमार, मिनाक्षी, विजय कुमार, गायत्री, बबीता देवी, संजय गुप्ता, सुधा रानी, रजंना, नूतन, रूबी, अखिल वर्मा, सोमेंद्र सिंह पंवार, अमित गर्ग, विशाल भाटी, ओमपाल, सुंदर, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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