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Roorkee News: फर्जी मुख्तारनामा बनाकर 63 लाख हड़पने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज
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जमीन का फर्जी मुख्तारनामा तैयार कर 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन की बिक्री के नाम पर रकम लेने के बाद आरोपी ने न तो रुपये वापस किए और न ही लिखित समझौते के अनुसार बिक्री विलेख निरस्त कराने की कार्रवाई की। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली रुड़की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आजाद नगर निवासी राजवीर सिंह ने तहरीर देकर बताया कि ढंडेरा निवासी वीरेंद्र सिंह ने खुद को जमीन का मुख्तारनामा धारक बताया था। आरोप है कि वीरेंद्र सिंह निवासी ढंडेरा रुड़की ने फर्जी और कूटरचित मुख्तारनामे के आधार पर जमीन का सौदा कर बैनामा कर दिया और इसके एवज में उनसे 63 लाख रुपये ले लिए।
बाद में जमीन मालिक की ओर से उसे जानकारी दी गई कि उन्हें जो मुख्तारनामा के आधार पर बैनामा किया गया है वह फर्जी है। आरोप है कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद आरोपी विरेंद्र सिंह से बात की तो उसने फर्जी बैनामा करने की बात स्वीकार कर ली और फिर उसे रकम वापस करने व बैनामा निरस्त कराने का आश्वासन दिया।
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साथ ही सात अगस्त 2026 को दोनों के बीच लिखित समझौता के अनुसार आरोपी ने दस सितंबर तक पूरी रकम लौटाने और जमीन का बिक्री विलेख निरस्त कराने की बात कही थी। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। राजवीर सिंह का आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा।
विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच उपनिरीक्षक सतेंद्र भंडारी को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।
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आजाद नगर निवासी राजवीर सिंह ने तहरीर देकर बताया कि ढंडेरा निवासी वीरेंद्र सिंह ने खुद को जमीन का मुख्तारनामा धारक बताया था। आरोप है कि वीरेंद्र सिंह निवासी ढंडेरा रुड़की ने फर्जी और कूटरचित मुख्तारनामे के आधार पर जमीन का सौदा कर बैनामा कर दिया और इसके एवज में उनसे 63 लाख रुपये ले लिए।
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बाद में जमीन मालिक की ओर से उसे जानकारी दी गई कि उन्हें जो मुख्तारनामा के आधार पर बैनामा किया गया है वह फर्जी है। आरोप है कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद आरोपी विरेंद्र सिंह से बात की तो उसने फर्जी बैनामा करने की बात स्वीकार कर ली और फिर उसे रकम वापस करने व बैनामा निरस्त कराने का आश्वासन दिया।
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साथ ही सात अगस्त 2026 को दोनों के बीच लिखित समझौता के अनुसार आरोपी ने दस सितंबर तक पूरी रकम लौटाने और जमीन का बिक्री विलेख निरस्त कराने की बात कही थी। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। राजवीर सिंह का आरोप है कि रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा।
विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच उपनिरीक्षक सतेंद्र भंडारी को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।