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Roorkee News: जल संस्थान नहीं, ऊर्जा निगम के भरोसे शहर की पेयजल व्यवस्था
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शहर में पेयजल की व्यवस्था ऊर्जा निगम के भरोसे चल रही है। पावरकट होते ही शहर के सभी 23 पंप सूख जाते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में बिजली के साथ पानी का संकट भी गहरा जाता है।
शहर की प्यास बुझाने के लिए जल संस्थान के पास पर्याप्त संसाधन हैं। 23 पानी के पंप हैं जिनसे प्रतिदिन 32 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है जबकि शहर में 28 एमएलडी पानी की मांग है। इसके अलावा आठ ओवरहेड टैंक भी हैं। पानी की सप्लाई के लिए भी शहर में ऐसी व्यवस्था है कि अगर एक इलाके का पंप बंद हो जाए या फिर खराब हो जाए तो दूसरे इलाके में लगे पंप की मदद से आसानी से पानी की सप्लाई हो जाती है लेकिन जल संस्थान के यह सभी संसाधन, ऊर्जा निगम पर निर्भर हैं। एक पावरकट के साथ ही जलसंस्थान की यह सारी व्यवस्थाएं धरी रह जाती हैं। बिजली गुल होते ही पानी के पंप भी सूख जाते हैं। जल संस्थान के एक भी पंप पर जनरेटर की सुविधा नहीं है। यही कारण है कि गर्मियों में लोग बिजली गुल होने पर पीने के पानी तक के लिए तरस जाते हैं। कोट :
शहर में आठ ओवरहेड टैंक हैं। सात ओवरहेड टैंक के लिए सात जनरेटर की मांग की गई है। इसके लिए निदेशालय को लिखा जा चुका है। यदि जनरेटर मिल जाते हैं तो ओवरहेड टैंक को बिजली न होने पर भरा जा सकेगा। इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
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-हिमांशु त्यागी, अवर अभियंता, जल संस्थान रुड़की।
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शहर की प्यास बुझाने के लिए जल संस्थान के पास पर्याप्त संसाधन हैं। 23 पानी के पंप हैं जिनसे प्रतिदिन 32 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है जबकि शहर में 28 एमएलडी पानी की मांग है। इसके अलावा आठ ओवरहेड टैंक भी हैं। पानी की सप्लाई के लिए भी शहर में ऐसी व्यवस्था है कि अगर एक इलाके का पंप बंद हो जाए या फिर खराब हो जाए तो दूसरे इलाके में लगे पंप की मदद से आसानी से पानी की सप्लाई हो जाती है लेकिन जल संस्थान के यह सभी संसाधन, ऊर्जा निगम पर निर्भर हैं। एक पावरकट के साथ ही जलसंस्थान की यह सारी व्यवस्थाएं धरी रह जाती हैं। बिजली गुल होते ही पानी के पंप भी सूख जाते हैं। जल संस्थान के एक भी पंप पर जनरेटर की सुविधा नहीं है। यही कारण है कि गर्मियों में लोग बिजली गुल होने पर पीने के पानी तक के लिए तरस जाते हैं। कोट :
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शहर में आठ ओवरहेड टैंक हैं। सात ओवरहेड टैंक के लिए सात जनरेटर की मांग की गई है। इसके लिए निदेशालय को लिखा जा चुका है। यदि जनरेटर मिल जाते हैं तो ओवरहेड टैंक को बिजली न होने पर भरा जा सकेगा। इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
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-हिमांशु त्यागी, अवर अभियंता, जल संस्थान रुड़की।