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50 दिन में भी नहीं सुधरे बैंकों के हालात

Thu, 29 Dec 2016 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की Updated Thu, 29 Dec 2016 10:19 PM IST
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Not improve the situation of banks in 50 days
Roorkee wizard Road PNB bank engaged in transactions for the multitude of consumers. - फोटो : amarujala
नोटबंदी के 50 वें दिन भी शहर और आसपास के क्षेत्रों में बैंकों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि अब दिसंबर माह की पेंशन और सैलरी आने वाली है, लेकिन बैंक और एटीएम खाली पड़े हैं। यही नहीं अगले चार-पांच दिन तक स्थिति में सुधार की भी संभावना नहीं दिख रही है। अब शहरवासियों की ही नहीं बल्कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की भी नजर 31 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर टिकी है। फिलहाल नोटबंदी से नए साल के रंग में भी भंग पड़ता नजर आ रहा है।
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रुड़की स्थित एसबीआई मुख्य शाखा में पिछले कई दिनों से उपभोक्ताओं को अधिकतम चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जो अब और कम होने के आसार नजर आ रहे हैं। यही नहीं अगले चार-पांच दिन बैंक में कैश आने की भी संभावना नजर नहीं आ रही है, जिससे न सिर्फ उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है बल्कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के भी माथे पर बल पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो उपभोक्ताओं को सैलरी और पेंशन निकासी के भी लाले पड़ सकते हैं। एसबीआई मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक जयशंकर के अनुसार फिलहाल रिजर्व बैंक से अब तीन तारीख के बाद ही कैश आने की संभावना है।
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दूसरी ओर एसबीआई से जुड़े अन्य बैंकों ही हालत और भी खराब है। अलबत्ता पीएनबी के उपभोक्ताओं को कुछ राहत है। बैंक में नकदी आने के कारण बृहस्पतिवार को बीटीगंज स्थिति मुख्य शाखा और आईआईटी स्थित शाखा से उपभोक्ताओं ने निर्धारित राशि की निकासी की। अब आमजन के साथ ही बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर प्रधानमंत्री की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 दिन बाद स्थिति सामान्य होने की भरोसा दिलाया था। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि नए साल से बैंकों में कैश की तंगी से कुछ राहत मिल सकेगी, लेकिन फिलहाल बैंकों की स्थिति देखते हुए इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार रिजर्व बैंक से अब तीन जनवरी के बाद ही नकदी आने की संभावना जताई जा रही है।
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एसबीआई में पहुंची 100 स्वाइप मशीनें
नोटबंदी के बाद से लगातार स्वाइप मशीनों की डिमांड बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि मशीनों के लिए आवेदनकर्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक जयशंकर के अनुसार बृहस्पतिवार को एसबीआई में 100 स्वाइप मशीन आई है, जो प्राथमिकता के आधार पर आवेदकों को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि एसबीआई से जुड़े अन्य बैंकों और शाखाओं में भी सैकड़ों की संख्या में लोगों ने स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया है।


मोदी के संबोधन को लेकर लगाए जा रहे कयास
31 दिसंबर की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर अभी से कयास लगाए जा रहे हैं। आमजन ही नहीं बैंक कर्मियों और अधिकारियों में भी इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी अगले कदम में दो हजार के नोट भी बंद कर सकते हैं, ताकि कालाधन जमा करने वाले बेनकाब हो सके, हालांकि इस संबंध में आर्थिक जानकारों का कहना है कि ऐसा फिलहाल संभव नहीं है। कारण कि दो हजार के नोट बंद करने पर समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
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