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सीमली में ग्रामीणों का हंगामा, टीम को किया घेराव
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ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
सीमली गांव में तालाब की भूमि की पैमाइश के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को तालाब की भूमि की पैमाइश करने गई तहसील प्रशासन की टीम पर गलत पैमाइश का आरोप लगाकर्र ामीणों ने घेर लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का गुस्सा देख टीम बिना पैमाइश के ही लौट गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले कुछ दिनों से तहसील क्षेत्र में स्थित तालाबों की भूमि से अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। तहसील प्रशासन की टीम की ओर से अभी तक बहादरपुर गांव से अतिक्रमण हटाया गया है जबकि कई स्थानों पर भूमि की पैमाइश कर अतिक्रमण चिह्नित किया जा चुका है। इसी क्रम में सीमली स्थित तालाब की भूमि की बृहस्पतिवार को पैमाइश की गई। शुक्रवार को सीमली गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत की कि गलत ढंग से पैमाइश की गई है। लिहाजा दूसरी टीम गठित कर पैमाइश कराई जाए। एसडीएम कौस्तुभ मिश्र के निर्देश पर शनिवार को तहसीलदार गोपाल सिंह चौहान और कानूनगो मंगू सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने सीमली गांव पहुंचकर पैमाइश का कार्य शुरू किया, लेकिन इसी बीच ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गलत ढंग से पैमाइश का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि तहसील प्रशासन के लोग कुछ दबंग लोगों के दबाव में आकर गरीबों के मकानों को निशाना बनाने में लगे हुए हैं। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोप है कि जिन लोगों के मकान तालाब की जद में नहीं आ रहे हैं, उनके मकानों को भी बड़े लोगों के मकान बचाने के चक्कर में गलत पैमाइश कर तालाब में दर्शाया जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया और पैमाइश का काम रोक दिया। ग्रामीणों के गुस्से को देख टीम बिना पैमाइश के लौट गई। वहीं, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। इसके बाद सोमवार को फिर से पैमाइश का कार्य शुरू कराया जाएगा।
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सीमली गांव में तालाब की भूमि की पैमाइश के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को तालाब की भूमि की पैमाइश करने गई तहसील प्रशासन की टीम पर गलत पैमाइश का आरोप लगाकर्र ामीणों ने घेर लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का गुस्सा देख टीम बिना पैमाइश के ही लौट गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले कुछ दिनों से तहसील क्षेत्र में स्थित तालाबों की भूमि से अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। तहसील प्रशासन की टीम की ओर से अभी तक बहादरपुर गांव से अतिक्रमण हटाया गया है जबकि कई स्थानों पर भूमि की पैमाइश कर अतिक्रमण चिह्नित किया जा चुका है। इसी क्रम में सीमली स्थित तालाब की भूमि की बृहस्पतिवार को पैमाइश की गई। शुक्रवार को सीमली गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत की कि गलत ढंग से पैमाइश की गई है। लिहाजा दूसरी टीम गठित कर पैमाइश कराई जाए। एसडीएम कौस्तुभ मिश्र के निर्देश पर शनिवार को तहसीलदार गोपाल सिंह चौहान और कानूनगो मंगू सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने सीमली गांव पहुंचकर पैमाइश का कार्य शुरू किया, लेकिन इसी बीच ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गलत ढंग से पैमाइश का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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ग्रामीणों का आरोप था कि तहसील प्रशासन के लोग कुछ दबंग लोगों के दबाव में आकर गरीबों के मकानों को निशाना बनाने में लगे हुए हैं। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोप है कि जिन लोगों के मकान तालाब की जद में नहीं आ रहे हैं, उनके मकानों को भी बड़े लोगों के मकान बचाने के चक्कर में गलत पैमाइश कर तालाब में दर्शाया जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया और पैमाइश का काम रोक दिया। ग्रामीणों के गुस्से को देख टीम बिना पैमाइश के लौट गई। वहीं, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। इसके बाद सोमवार को फिर से पैमाइश का कार्य शुरू कराया जाएगा।
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