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आईआईटी छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोपों को संस्थान ने नकारा
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:42 PM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शैक्षणिक संस्थान की छात्रा की ओर से संस्थान के डीन और प्रोफेसर पर लगाए गए छेड़छाड़, अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोपों को संस्थान प्रशासन ने बेबुनियाद बताया है। संस्थान प्रशासन के अनुसार इससे पहले एक सुपरवाइजर ने भी छात्रा पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था। हालांकि छात्रा की शिकायत पर भी संस्थान के दो सुपरवाइजर बदले गए हैं। वहीं छात्रा की स्थिति को देखते हुए उसके परिजनों को छात्रा के साथ ही रहने का आग्रह किया गया है। उधर, दूसरी ओर कोतवाली पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एसआई मनसा ध्यानी को मामले की जांच सौंपी गई है।
दरअसल रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शैक्षणिक संस्थान की छात्रा ने संस्थान के प्रोफेसर और डीन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कोतवाली सिविल लाइंस में तहरीर दी गई थी। छात्रा ने बताया था कि उसने कई बार छेड़छाड़ और उत्पीड़न की शिकायत संस्थान निदेशक से भी की, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसने मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और अनुसूचित जाति आयोग से भी की है। तहरीर लेने के बाद पुलिस ने छात्रा को उसके हॉस्टल भिजवाकर मामले में जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला दारोगा मनसा ध्यानी को मामले की जांच की जांच सौंपी गई है। जल्द ही मामले में बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर संस्थान प्रशासन ने छात्रा के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। संस्थान प्रशासन की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि कैंपस के अंदर एक छात्रा की प्रताड़ना को लेकर आई सूचनाओं से संस्थान चिंतित है। बताया गया कि कुछ महीने पहले छात्रा ने सुपरवाइजिंग फैकल्टी पर उसके साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की थी। वहीं सुपरवाइजर ने भी छात्रा पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। संस्थान ने मामले की जांच करने के बाद दो सुपरवाइजरों को हटा दिया था। उनकी जगह दो अन्य सुपरवाइजर नियुक्त किए गए थे। इसके बाद फिर छात्रा ने इन दोनों सुपरवाइजरों की शिकायत कर उन्हें बदलने का निवेदन किया है। अब संस्थान ने छात्रा की स्थिति को देखते हुए उसके माता-पिता से भी संपर्क कर उन्हें संस्थान में छात्रा के साथ रहने का आग्रह किया है।
संस्थान की साख के सामने चुनौती बन रहे महिला उत्पीड़न के मामले
तकनीकी शैक्षणिक संस्थान में महिला उत्पीड़न के आरोपों के मामले संस्थान की साख के सामने चुनौती बनकर खड़े हो रहे हैं। हाल ही में सामने आए दो मामलों में जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि अभी तक आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि तीन साल पहले एक विदेशी महिला की ओर से संस्थान के प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत की गई है। जिसकी जिला स्तर पर जांच शुरू हो गई है। हालांकि संस्थान की ओर से विदेशी महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है। वहीं शुक्रवार को एक छात्रा ने संस्थान के प्रोफेसर और डीन पर गंभीर आरोप गए हैं। जिस पर संस्थान की ओर से शनिवार को बयान भी जारी किया गया।
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रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शैक्षणिक संस्थान की छात्रा की ओर से संस्थान के डीन और प्रोफेसर पर लगाए गए छेड़छाड़, अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोपों को संस्थान प्रशासन ने बेबुनियाद बताया है। संस्थान प्रशासन के अनुसार इससे पहले एक सुपरवाइजर ने भी छात्रा पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था। हालांकि छात्रा की शिकायत पर भी संस्थान के दो सुपरवाइजर बदले गए हैं। वहीं छात्रा की स्थिति को देखते हुए उसके परिजनों को छात्रा के साथ ही रहने का आग्रह किया गया है। उधर, दूसरी ओर कोतवाली पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एसआई मनसा ध्यानी को मामले की जांच सौंपी गई है।
दरअसल रुड़की स्थित एक उच्च तकनीकी शैक्षणिक संस्थान की छात्रा ने संस्थान के प्रोफेसर और डीन पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कोतवाली सिविल लाइंस में तहरीर दी गई थी। छात्रा ने बताया था कि उसने कई बार छेड़छाड़ और उत्पीड़न की शिकायत संस्थान निदेशक से भी की, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसने मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और अनुसूचित जाति आयोग से भी की है। तहरीर लेने के बाद पुलिस ने छात्रा को उसके हॉस्टल भिजवाकर मामले में जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला दारोगा मनसा ध्यानी को मामले की जांच की जांच सौंपी गई है। जल्द ही मामले में बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर संस्थान प्रशासन ने छात्रा के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। संस्थान प्रशासन की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि कैंपस के अंदर एक छात्रा की प्रताड़ना को लेकर आई सूचनाओं से संस्थान चिंतित है। बताया गया कि कुछ महीने पहले छात्रा ने सुपरवाइजिंग फैकल्टी पर उसके साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की थी। वहीं सुपरवाइजर ने भी छात्रा पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। संस्थान ने मामले की जांच करने के बाद दो सुपरवाइजरों को हटा दिया था। उनकी जगह दो अन्य सुपरवाइजर नियुक्त किए गए थे। इसके बाद फिर छात्रा ने इन दोनों सुपरवाइजरों की शिकायत कर उन्हें बदलने का निवेदन किया है। अब संस्थान ने छात्रा की स्थिति को देखते हुए उसके माता-पिता से भी संपर्क कर उन्हें संस्थान में छात्रा के साथ रहने का आग्रह किया है।
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संस्थान की साख के सामने चुनौती बन रहे महिला उत्पीड़न के मामले
तकनीकी शैक्षणिक संस्थान में महिला उत्पीड़न के आरोपों के मामले संस्थान की साख के सामने चुनौती बनकर खड़े हो रहे हैं। हाल ही में सामने आए दो मामलों में जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि अभी तक आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि तीन साल पहले एक विदेशी महिला की ओर से संस्थान के प्रोफेसरों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से शिकायत की गई है। जिसकी जिला स्तर पर जांच शुरू हो गई है। हालांकि संस्थान की ओर से विदेशी महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है। वहीं शुक्रवार को एक छात्रा ने संस्थान के प्रोफेसर और डीन पर गंभीर आरोप गए हैं। जिस पर संस्थान की ओर से शनिवार को बयान भी जारी किया गया।
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