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हैरत में डाल रहे मामूली विवाद में हत्या जैसे जघन्य अपराध
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:41 PM IST
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मुकेश शर्मा, मंगलौर
मामूली विवाद में हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने की वारदात आम होती जा रही है। कोतवाली क्षेत्र में पिछले चार महीनों में मामूली विवाद में पांच लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। इस तरह की घटनाएं आम लोगों के साथ ही पुलिस को भी सोचने को मजबूर कर रही हैं। विशेषज्ञ इसके पीछे क्षणिक आवेग और धैर्य का अभाव होना मानते हैं।
आमतौर पर देखा जाता है कि लोअर खींच देने जैसी मामूली हरकत पर हत्या कर देना, कबड्डी दौरान हुए विवाद के बाद चाकू मारकर हत्या कर देना, रास्ते से मकान हटाने के विवाद में गोली चलाकर जान ले लेना जैसी घटनाएं कम ही होती हैं, लेकिन मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में इस तरह की वारदात आम हत्या आम हो चुकी हैं। मंगलवार देर शाम मंडावली निवासी जव्वाद हसन की गांव के अनुज उर्फ नीलू ने मिल में गन्ना ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली तत्काल उपलब्ध नहीं कराने से नाराज होकर गोली मारकर हत्या कर दी। 19 अगस्त को लिब्बरहेड़ी में एक ढाबा संचालक ने मामूली कहासुनी के बाद ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
नगर के मोहल्ला किला निवासी मुस्तकीम की 13 सितंबर को युवक ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मुस्तकीम का कसूर मात्र इतना था कि उसने मजाक में आरोपी का लोअर खींच दिया था। 20 सितंबर को हरजौली जट्ट में रास्ते से वाहन हटाने के विवाद को लेकर पप्पू नामक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 20 अक्तूबर को सराय अजीज निवासी दानिश नामक किशोर की कबड्डी खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। छोटे-छोटे विवादों को लेकर हो रही हत्याओं से आम लोग हैरत में हैं। साथ ही पुलिस को भी ऐसी घटनाएं सोचने पर मजबूर कर रही हैं।
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अधिक क्रोध और धैर्य का अभाव लोगों में बढ़ता जा रहा है। क्षणिक आवेग में आकर हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिए जाने की प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है।
-डॉ. पीके सिंह, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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मामूली विवाद में हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने की वारदात आम होती जा रही है। कोतवाली क्षेत्र में पिछले चार महीनों में मामूली विवाद में पांच लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। इस तरह की घटनाएं आम लोगों के साथ ही पुलिस को भी सोचने को मजबूर कर रही हैं। विशेषज्ञ इसके पीछे क्षणिक आवेग और धैर्य का अभाव होना मानते हैं।
आमतौर पर देखा जाता है कि लोअर खींच देने जैसी मामूली हरकत पर हत्या कर देना, कबड्डी दौरान हुए विवाद के बाद चाकू मारकर हत्या कर देना, रास्ते से मकान हटाने के विवाद में गोली चलाकर जान ले लेना जैसी घटनाएं कम ही होती हैं, लेकिन मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में इस तरह की वारदात आम हत्या आम हो चुकी हैं। मंगलवार देर शाम मंडावली निवासी जव्वाद हसन की गांव के अनुज उर्फ नीलू ने मिल में गन्ना ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली तत्काल उपलब्ध नहीं कराने से नाराज होकर गोली मारकर हत्या कर दी। 19 अगस्त को लिब्बरहेड़ी में एक ढाबा संचालक ने मामूली कहासुनी के बाद ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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नगर के मोहल्ला किला निवासी मुस्तकीम की 13 सितंबर को युवक ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मुस्तकीम का कसूर मात्र इतना था कि उसने मजाक में आरोपी का लोअर खींच दिया था। 20 सितंबर को हरजौली जट्ट में रास्ते से वाहन हटाने के विवाद को लेकर पप्पू नामक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 20 अक्तूबर को सराय अजीज निवासी दानिश नामक किशोर की कबड्डी खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। छोटे-छोटे विवादों को लेकर हो रही हत्याओं से आम लोग हैरत में हैं। साथ ही पुलिस को भी ऐसी घटनाएं सोचने पर मजबूर कर रही हैं।
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अधिक क्रोध और धैर्य का अभाव लोगों में बढ़ता जा रहा है। क्षणिक आवेग में आकर हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिए जाने की प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है।
-डॉ. पीके सिंह, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र