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.. तो जहरीली शराब में मिला कीटोन बना इतनी मौतों का कारण

Tue, 12 Feb 2019 11:43 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2019 11:43 PM IST
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.. तो जहरीली शराब में मिला कीटोन बना इतनी मौतों का कारण
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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‘जिस केमिकल (आइसो प्रोपाइल एल्कोहल) से सिंथेटिक शराब तैयार की गई, उसने पीना वालों के शरीर में अधिक मात्रा में कीटोन बना दिया होगा और एक के बाद एक सैकड़ों जानें चली गईं।’ आईआईटी के वैज्ञानिकों की राय में जिस केमिकल से शराब बनाने की बात कही जा रही है, उसके चलते शरीर में बना कीटोन मृत्यु की मुख्य वजह हो सकता है। वैज्ञानिकों की मानें तो कीटोन वह ऑर्गेनिक कंपाउंड है, जो हमारे शरीर में पैदा होने वाले प्रोटीन सेल्स की ऊर्जा को तोड़ना शुरू कर देता है। कीटोन की अधिक मात्रा शरीर में टॉक्सिस बना देती है और फिर यही जहर व्यक्ति की मौत का कारण बन सकता है।
यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से अब तक 100 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। मंगलवार को सहारनपुर और हरिद्वार पुलिस ने केमिकल से कच्ची शराब बनाने वाले आरोपियों को पकड़ने के बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने रुड़की की एक फैक्ट्री से आइसो प्रोपाइल एल्कोहल (आईपीए) केमिकल ड्रमों में खरीदा था। इसके बाद पानी मिलाकर कच्ची शराब बनाई थी। यही शराब यूपी और उत्तराखंड के गांवों में मौत की वजह बनी। अभी तक पुलिस भी यह जानकारी नहीं जुटा पाई है कि आईपीए के किस केमिकल कंपोजिशन के चलते इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है।
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वहीं, अपराधियों को भी इस केमिकल की आंतरिक क्रियाविधि का भी ज्ञान नहीं है। इस बाबत जब आईआईटी के केमेस्ट्री विभाग के वैज्ञानिकों से बात की गई तो पता चला कि आईपीए की अधिक मात्रा मौत की वजह हो सकती है। वैैज्ञानिक प्रो. के घोष ने बताया कि आईपीए एथेनॉल, मीथेनॉल का ही फैमिली कंपाउंड है। इसमें एथेनॉल से मौत की संभावना नहीं होती जबकि मीथेनॉल फॉरमिक एसिड बनाता है, जो एक लेवल पर जाकर साइनाइड जैसे जहर की तरह काम करता है। वहीं, आईपीए में भी नशा होता है, लेकिन यह इतना खतरनाक नहीं होता, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर में कीटोन बना सकती है। शरीर की मैकेनिज्म के हिसाब से यदि कीटोन की मात्रा ज्यादा हो जाए तो यह टॉक्सिक हो जाती है और अंतत: मृत्यु का कारण बन सकती है।
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