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Roorkee News: स्वाइन फ्लू के मामलों के बीच सिविल अस्पताल अलर्ट
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दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटका, महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के बाद अब देहरादून में स्वाइन फ्लू (इंफ्लुएंजा एच1एन1) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए सिविल अस्पताल में भी एहतियाती तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने संदिग्ध मरीजों के उपचार के लिए आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है। साथ ही ऐसे मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग रखने की व्यवस्था की गई है ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।
वहीं अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों पर चिकित्सकों की विशेष निगरानी रखी जाएगी। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि लक्षणों के आधार पर मरीजों की जांच कराई जाएं। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसे तत्काल अलग व्यवस्था यानी के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाए। अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की जांच और उपचार के दौरान मास्क, ग्लव्स समेत आवश्यक सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से करें संपर्क
सिविल अस्पताल के डॉ़ मशरूफ अली ने बताया कि यदि मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ, सीने में तेज दर्द, नीले या भूरे रंग के होंठ, त्वचा, या लगातार तेज बुखार जैसे संकेत दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें, स्वयं दवा खाने से बचे।
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स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण
तेज बुखार, खांसी और गले में खराश, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और थकान, पाचन से जुड़ी समस्याएं, नाक बहना या बंद होना।
स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए अस्पताल में आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार करा दिया गया है। विभाग को टेमीफ्लू, मास्क, सैनिटाइजर और गल्ब्स समेत अन्य दवाओं का प्रस्ताव भेज दिया गया है। - डॉ़ एके मिश्रा, सीएमएस, सिविल अस्पताल
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वहीं अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों पर चिकित्सकों की विशेष निगरानी रखी जाएगी। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि लक्षणों के आधार पर मरीजों की जांच कराई जाएं। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसे तत्काल अलग व्यवस्था यानी के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाए। अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की जांच और उपचार के दौरान मास्क, ग्लव्स समेत आवश्यक सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
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गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से करें संपर्क
सिविल अस्पताल के डॉ़ मशरूफ अली ने बताया कि यदि मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ, सीने में तेज दर्द, नीले या भूरे रंग के होंठ, त्वचा, या लगातार तेज बुखार जैसे संकेत दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें, स्वयं दवा खाने से बचे।
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स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण
तेज बुखार, खांसी और गले में खराश, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और थकान, पाचन से जुड़ी समस्याएं, नाक बहना या बंद होना।
स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए अस्पताल में आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार करा दिया गया है। विभाग को टेमीफ्लू, मास्क, सैनिटाइजर और गल्ब्स समेत अन्य दवाओं का प्रस्ताव भेज दिया गया है। - डॉ़ एके मिश्रा, सीएमएस, सिविल अस्पताल