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अवैध खनन के सामने प्रशासन नतमस्तक
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 19 Oct 2016 08:50 PM IST
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बुग्गावाला के घाड़ क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन ट्रक सीज कर दिए हैं, लेकिन आसफनगर के पास गंगनहर में इस पर रोक लगाने में अधिकारियों की सांसें फूल रही हैं। हालत यह है कि गंगनहर से दिनरात रेत चोरी कर ठिकाने लगाया जा रहा है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके लिए एएसडीएम ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। कहा-पुलिस सौ-सौ रुपये में अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छोड़ दे रही हैं।
गंगनहर बंद होने का खनन माफिया बेसब्री से इंतजार करते हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दशहरे की रात गंगनहर को मरम्मतीकरण के लिए बंद किया गया था। मंगलवार को जैसे ही नहर में पानी कम हुआ अवैध खनन का खेल शुरू हो गया। आसफनगर झाल में खनन माफिया अपनी-अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों लेकर उतर गए। इस पर पहले दिन प्रशासन ने 11 वाहनों को सीज भी किया। लेकिन बुधवार को माफिया ने प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा देखते हुए झाल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेत भरना शुरू कराया। दिनभर माफिया ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रेत ठिकाने लगाते रहे। लेकिन प्रशासन एवं पुलिस ने कार्रवाई करना तो दूर, मौके पर जाना तक गंवारा नहीं समझा। इस संबंध में जब तहसीलदार मंजीत सिंह गिल से पूछताछ की तो उन्होंने अवैध खनन की जानकारी होने से साफ इनकार किया।
एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि मंगलौर पुलिस को अवैध खनन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन पुलिस सौ-सौ रुपये लेकर अवैध खननकारियों के वाहनों को छोड़ रही हैं। ऐसे में क्षेत्र में अवैध खनन के लिए पुलिस जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि पुलिस को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से भी अवैैध खनन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
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क्या कहते हैं जिलेदार
यूपी सिंचाई विभाग के संबंधित जिलेदार मुनेश शर्मा का कहना है कि आसफनगर के पास मंगलवार को खनन हो रहा था। सूचना पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। बुधवार को भी अवैध खनन की जानकारी मिलने पर प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन कोई नहीं पहुंचा। खनन रोकने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। इस संबंध में यूपी सिंचाई विभाग को भी अवगत करा दिया गया है।
घाड़ में प्रशासन को आई अवैध खनन की याद
एडीएम के नेतृत्व में आधीरात के बाद चला अभियान,11 ट्रक एवं तीन ट्रैक्टर-ट्रालियां सीजअमर उजाला ब्यूरो
बुग्गावाला। घाड़ क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर प्रशासन की नींद टूट गई। कल तक अवैध खनन नहीं होने की बात कहने वाले अधिकारियों ने अवैध खनिज सामग्री से भरे 14 वाहनों को सीज किया है।
अवैध खनन का खेल घाड़ की नदियों में रुकने का नाम नहीं ले रहा है। माफिया दिन-रात डंपरों, ट्रकों एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अवैध खनन सामग्री यूपी में खफा रहे हैं। लेकिन प्रशासन अवैध खनन होने से साफ इनकार करता रहता है। बुधवार को जब एडीएम वित्त अभिषेक त्रिपाठी और रुड़की के एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया तो प्रशासन की पोल खुल गई। अधिकारियों ने नदियों में जाने से पहले ही सड़कों पर खनन सामग्री से भरे डंपरों, ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ लिया। जांच में सारी खनन सामग्री चोरी की पाई गई। अधिकारियों ने बुग्गावाला सड़कों से 11 ट्रक पकड़ कर सीज कर बुग्गावाला थाने में खड़े कराए। भगवानपुर में भी प्रशासन ने तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज कर थाने में खड़ी करवाई हैं। कार्रवाई के दौरान एसडीएम अनिल सिंह, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, नायब तहसीलदार धनीराम सैनी आदि मौजूद रहे।
गंगनहर बंद होने का खनन माफिया बेसब्री से इंतजार करते हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दशहरे की रात गंगनहर को मरम्मतीकरण के लिए बंद किया गया था। मंगलवार को जैसे ही नहर में पानी कम हुआ अवैध खनन का खेल शुरू हो गया। आसफनगर झाल में खनन माफिया अपनी-अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों लेकर उतर गए। इस पर पहले दिन प्रशासन ने 11 वाहनों को सीज भी किया। लेकिन बुधवार को माफिया ने प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा देखते हुए झाल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेत भरना शुरू कराया। दिनभर माफिया ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रेत ठिकाने लगाते रहे। लेकिन प्रशासन एवं पुलिस ने कार्रवाई करना तो दूर, मौके पर जाना तक गंवारा नहीं समझा। इस संबंध में जब तहसीलदार मंजीत सिंह गिल से पूछताछ की तो उन्होंने अवैध खनन की जानकारी होने से साफ इनकार किया।
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एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि मंगलौर पुलिस को अवैध खनन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन पुलिस सौ-सौ रुपये लेकर अवैध खननकारियों के वाहनों को छोड़ रही हैं। ऐसे में क्षेत्र में अवैध खनन के लिए पुलिस जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि पुलिस को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से भी अवैैध खनन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
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क्या कहते हैं जिलेदार
यूपी सिंचाई विभाग के संबंधित जिलेदार मुनेश शर्मा का कहना है कि आसफनगर के पास मंगलवार को खनन हो रहा था। सूचना पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। बुधवार को भी अवैध खनन की जानकारी मिलने पर प्रशासन को अवगत कराया। लेकिन कोई नहीं पहुंचा। खनन रोकने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। इस संबंध में यूपी सिंचाई विभाग को भी अवगत करा दिया गया है।
घाड़ में प्रशासन को आई अवैध खनन की याद
एडीएम के नेतृत्व में आधीरात के बाद चला अभियान,11 ट्रक एवं तीन ट्रैक्टर-ट्रालियां सीजअमर उजाला ब्यूरो
बुग्गावाला। घाड़ क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर प्रशासन की नींद टूट गई। कल तक अवैध खनन नहीं होने की बात कहने वाले अधिकारियों ने अवैध खनिज सामग्री से भरे 14 वाहनों को सीज किया है।
अवैध खनन का खेल घाड़ की नदियों में रुकने का नाम नहीं ले रहा है। माफिया दिन-रात डंपरों, ट्रकों एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अवैध खनन सामग्री यूपी में खफा रहे हैं। लेकिन प्रशासन अवैध खनन होने से साफ इनकार करता रहता है। बुधवार को जब एडीएम वित्त अभिषेक त्रिपाठी और रुड़की के एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया तो प्रशासन की पोल खुल गई। अधिकारियों ने नदियों में जाने से पहले ही सड़कों पर खनन सामग्री से भरे डंपरों, ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ लिया। जांच में सारी खनन सामग्री चोरी की पाई गई। अधिकारियों ने बुग्गावाला सड़कों से 11 ट्रक पकड़ कर सीज कर बुग्गावाला थाने में खड़े कराए। भगवानपुर में भी प्रशासन ने तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज कर थाने में खड़ी करवाई हैं। कार्रवाई के दौरान एसडीएम अनिल सिंह, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, नायब तहसीलदार धनीराम सैनी आदि मौजूद रहे।