{"_id":"64bc188cc8daaa80c40fc945","slug":"banned-drugs-worth-rs-20-lakh-recovered-roorkee-news-c-5-1-drn1027-206665-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: 20 लाख की कीमत की प्रतिबंधित दवाएं बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: 20 लाख की कीमत की प्रतिबंधित दवाएं बरामद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार सवार दो लोगाें को लाखाें की कीमत की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। साथ ही दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर जिलेभर की पुलिस की ओर से प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को गंगनहर कोतवाली पुलिस माधोपुर के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। इस बीच पुलिस को एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी में गत्ते के बॉक्स मिले।
पुलिस ने बॉक्स खोलकर देखे तो उसमें दवाएं मिलीं। पुलिस ने कार सवार दोनों लोगों से दवाओं की बाबत जानकारी ली लेकिन वह सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर पुलिस कार सहित दोनों को पकड़कर काेतवाली ले आई। यहां पर पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाकर दवाओं की जांच कराई। जांच में पता चला कि बॉक्स में ट्रामाडोल टेबलेट है जो कि प्रतिबंधित दवा है।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी बीएल भारती ने बताया कि बॉक्स से 82,400 ट्रामाडोल टेबलेट बरामद हुई है। उनकी बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दवाओं के साथ मोहित पुत्र जसवीर सिंह निवासी ग्राम रामपुर निजामपुर, थाना देवबंद जिला सहारनपुर और इंद्रेश पुत्र लहरी सिंह निवासी ग्राम टिकौला कलां, मंगलौर को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। कार को सीज कर दिया गया है।
अमीर बनने के लिए करते हैं सप्लाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला है कि वह काफी समय से प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। वह सहारनपुर से दवा लाकर रुड़की क्षेत्र में सप्लाई करते हैं। साथ ही पता चला है कि दोनों जल्द अमीर बनने की चाह में यह काम करते थे।
पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
पुलिस दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। साथ ही जानकारी जुटा रही है कि दोनों लोग सहारनपुर में कहां से दवाएं लाते थे और रुड़की क्षेत्र में किसे सप्लाई करते हैं। पुलिस दोनों के संपर्क में रहने वालों को भी चिह्नित कर रही है। इसके अलावा दोनों की मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।
क्या है ट्रामाडोल
ट्रामाडोल एक सिंथेटिक ओपिओइड दर्द निवारक है। इंटरनेशनल साइक्लिंग यूनियन ने पहले ही इस उत्पाद पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) प्रतिबंधित पदार्थों और तरीकों की अपनी नई सूची में ट्रामाडोल पर प्रतिबंध लगा रही है। वैज्ञानिक समुदाय को समायोजन का समय देने के लिए एक जनवरी 2024 से इस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
विज्ञापन
एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर जिलेभर की पुलिस की ओर से प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को गंगनहर कोतवाली पुलिस माधोपुर के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। इस बीच पुलिस को एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी में गत्ते के बॉक्स मिले।
विज्ञापन
पुलिस ने बॉक्स खोलकर देखे तो उसमें दवाएं मिलीं। पुलिस ने कार सवार दोनों लोगों से दवाओं की बाबत जानकारी ली लेकिन वह सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर पुलिस कार सहित दोनों को पकड़कर काेतवाली ले आई। यहां पर पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाकर दवाओं की जांच कराई। जांच में पता चला कि बॉक्स में ट्रामाडोल टेबलेट है जो कि प्रतिबंधित दवा है।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी बीएल भारती ने बताया कि बॉक्स से 82,400 ट्रामाडोल टेबलेट बरामद हुई है। उनकी बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दवाओं के साथ मोहित पुत्र जसवीर सिंह निवासी ग्राम रामपुर निजामपुर, थाना देवबंद जिला सहारनपुर और इंद्रेश पुत्र लहरी सिंह निवासी ग्राम टिकौला कलां, मंगलौर को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। कार को सीज कर दिया गया है।
अमीर बनने के लिए करते हैं सप्लाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला है कि वह काफी समय से प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। वह सहारनपुर से दवा लाकर रुड़की क्षेत्र में सप्लाई करते हैं। साथ ही पता चला है कि दोनों जल्द अमीर बनने की चाह में यह काम करते थे।
पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
पुलिस दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। साथ ही जानकारी जुटा रही है कि दोनों लोग सहारनपुर में कहां से दवाएं लाते थे और रुड़की क्षेत्र में किसे सप्लाई करते हैं। पुलिस दोनों के संपर्क में रहने वालों को भी चिह्नित कर रही है। इसके अलावा दोनों की मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।
क्या है ट्रामाडोल
ट्रामाडोल एक सिंथेटिक ओपिओइड दर्द निवारक है। इंटरनेशनल साइक्लिंग यूनियन ने पहले ही इस उत्पाद पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) प्रतिबंधित पदार्थों और तरीकों की अपनी नई सूची में ट्रामाडोल पर प्रतिबंध लगा रही है। वैज्ञानिक समुदाय को समायोजन का समय देने के लिए एक जनवरी 2024 से इस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।