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पहले दिन प्राइमरी स्कूलों पें पहुंचे 37 प्रतिशत बच्चे, टूटा सन्नाटा
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मेहवड़ खुर्द राजकीय प्राथमिक विद्यालय में स्कूल खुलने के बाद बच्चों के हाथों को सैनिटाइज करवाती
- फोटो : ROORKEE
रुड़की। प्रदेश सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत मंगलवार को सरकारी प्राइमरी विद्यालय खुल गए। हालांकि पहले दिन 37 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार स्कूलों में धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। वहीं डर और चिंताओं के बीच प्राइवेट स्कूल बंद रहे। इसके चलते स्कूलों में सन्नाटा पसरा रहा।
मंगलवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी प्राइमरी स्कूलों में लंबे अंतराल से पसरा सन्नाटा टूट गया। कोरोना मामलों में कमी के बाद लिए गए निर्णय से स्कूलों में छाई उदासी चहल पहल में बदल गई। हालांकि पहले दिन स्कूलों में ज्यादा भीड़ नहीं रही। राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेहवड़ खुर्द, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सफीपुर, सोहलपुर, इमलीखेड़ा, शिकारपुर आदि स्कूलों में 20 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही। वहीं रुड़की ब्लॉक के 96 स्कूलों में उपस्थिति का प्रतिशत 37 रहा। उपखंड शिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह ने बताया कि मंगलवार को 37 प्रतिशत उपस्थिति रही। धीरे-धीरे स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को कोरोना गाइडलाइन का पूर्णत: पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, प्राइवेट स्कूल नहीं खुले। सीबीएसई बोर्ड रुड़की जोन की सिटी कोआर्डिनेटर माला चौहान ने बताया कि फिलहाल कक्षा छह से 12 तक की कक्षाओं में भी बच्चे कम आ रहे हैं। प्राइमरी कक्षाओं में भी बच्चे कम आएंगे, लेकिन खर्च बढ़ जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल स्कूल नहीं खोले गए हैं। भविष्य में स्थिति में सुधार होता है तो इस पर निर्णय लिया जाएगा।
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फोटो समाचार:
निजी स्कूलों में फूल माला पहनाकर किया बच्चों का स्वागत
मंगलौर। लंबे अंतराल के बाद मंगलवार से कक्षा एक से पांचवीं तक के सभी स्कूल भी खुल गए। छात्र-छात्राओं के विद्यालय पहुंचते ही रौनक लौट आई। वहीं, निजी स्कूलों में फूल माला पहनाकर बच्चों का स्वागत किया गया। मंगलवार को विद्यालय खोलने पर सरकारी विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया। सरकारी और निजी स्कूलों में मास्क व सैनिटाइजर का विशेष ध्यान रखा गया। सुबह आठ बजे विद्यालयों पर बच्चे अपने अभिभावकों की सहमति पत्र के साथ पहुंचे, जहां शिक्षकों ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए सैनिटाइजेशन किया। इसके बाद स्कूल में प्रवेेश दिया गया। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। संवाद
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फोटो समाचार:
शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील
लक्सर/खानपुर। मोंटफोर्ट चिल्ड्रन एकेडमी में स्कूल खुलने के पहले दिन कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया। मंगलवार को लक्सर के मोर्टफोर्ट चिल्ड्रन एकेडमी में कक्षा एक से पांच के छात्र-छात्राओं का स्कूल पहुंचने पर बडे़ छात्रों ने फूल और आरती उतार कर स्वागत किया। प्रधानाचार्य कुसुम देवी ने बताया कि भले ही कोरोना की लहर धीमी पड़ गई हो, लेकिन खतरा बरकरार है। उन्होंने सभी से मास्क, शारीरिक दूरी का पालन और सैनिटाइजर का प्रयोग करने की अपील की। प्रबंधक जसवीर चौधरी ने कहा कि शिक्षक और स्टाफ भी नियमों का पालन करेंगे। इस दौरान कोमल शर्मा, श्वेता शर्मा, बालेश देवी, प्रतीक्षा शर्मा, दिव्या, माया, वंदना, पूजा देवी और स्वाति आदि मौजूद रहे। संवाद
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मंगलवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी प्राइमरी स्कूलों में लंबे अंतराल से पसरा सन्नाटा टूट गया। कोरोना मामलों में कमी के बाद लिए गए निर्णय से स्कूलों में छाई उदासी चहल पहल में बदल गई। हालांकि पहले दिन स्कूलों में ज्यादा भीड़ नहीं रही। राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेहवड़ खुर्द, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सफीपुर, सोहलपुर, इमलीखेड़ा, शिकारपुर आदि स्कूलों में 20 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही। वहीं रुड़की ब्लॉक के 96 स्कूलों में उपस्थिति का प्रतिशत 37 रहा। उपखंड शिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह ने बताया कि मंगलवार को 37 प्रतिशत उपस्थिति रही। धीरे-धीरे स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को कोरोना गाइडलाइन का पूर्णत: पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, प्राइवेट स्कूल नहीं खुले। सीबीएसई बोर्ड रुड़की जोन की सिटी कोआर्डिनेटर माला चौहान ने बताया कि फिलहाल कक्षा छह से 12 तक की कक्षाओं में भी बच्चे कम आ रहे हैं। प्राइमरी कक्षाओं में भी बच्चे कम आएंगे, लेकिन खर्च बढ़ जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल स्कूल नहीं खोले गए हैं। भविष्य में स्थिति में सुधार होता है तो इस पर निर्णय लिया जाएगा।
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निजी स्कूलों में फूल माला पहनाकर किया बच्चों का स्वागत
मंगलौर। लंबे अंतराल के बाद मंगलवार से कक्षा एक से पांचवीं तक के सभी स्कूल भी खुल गए। छात्र-छात्राओं के विद्यालय पहुंचते ही रौनक लौट आई। वहीं, निजी स्कूलों में फूल माला पहनाकर बच्चों का स्वागत किया गया। मंगलवार को विद्यालय खोलने पर सरकारी विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया। सरकारी और निजी स्कूलों में मास्क व सैनिटाइजर का विशेष ध्यान रखा गया। सुबह आठ बजे विद्यालयों पर बच्चे अपने अभिभावकों की सहमति पत्र के साथ पहुंचे, जहां शिक्षकों ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए सैनिटाइजेशन किया। इसके बाद स्कूल में प्रवेेश दिया गया। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। संवाद
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शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील
लक्सर/खानपुर। मोंटफोर्ट चिल्ड्रन एकेडमी में स्कूल खुलने के पहले दिन कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया। मंगलवार को लक्सर के मोर्टफोर्ट चिल्ड्रन एकेडमी में कक्षा एक से पांच के छात्र-छात्राओं का स्कूल पहुंचने पर बडे़ छात्रों ने फूल और आरती उतार कर स्वागत किया। प्रधानाचार्य कुसुम देवी ने बताया कि भले ही कोरोना की लहर धीमी पड़ गई हो, लेकिन खतरा बरकरार है। उन्होंने सभी से मास्क, शारीरिक दूरी का पालन और सैनिटाइजर का प्रयोग करने की अपील की। प्रबंधक जसवीर चौधरी ने कहा कि शिक्षक और स्टाफ भी नियमों का पालन करेंगे। इस दौरान कोमल शर्मा, श्वेता शर्मा, बालेश देवी, प्रतीक्षा शर्मा, दिव्या, माया, वंदना, पूजा देवी और स्वाति आदि मौजूद रहे। संवाद
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