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तहसील का माई रुड़की ऐप बना लोगों का जनता दरबार

Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
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तहसील का माई रुड़की ऐप बना लोगों का जनता दरबार
रुड़की।
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प्रशासन की ओर से विगत छह फरवरी को लॉंच किया गया माई रुड़की एप जनता के लिए जनता दरबार बनता जा रहा है। इस एप पर शहर और देहात से मिलकर जहां एक हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, वहीं तीन हजार से अधिक लोगों ने यह एप डाउनलोड कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस एप पर लोग छोटी से छोटी शिकायतों को भी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में यह कवायद तहसील स्तर पर उन जनता दरबारों से ज्यादा कारगर होती दिख रही है, जिनमें लोगों की मौजूदगी का आंकड़ा 20 से ऊपर ही नहीं पहुंच पा रहा है। अब अधिकारियों को भी तुरंत समस्या निस्तारित कर लोगों का भरोसा जीतना होगा।
प्रशासन की ओर से प्रत्येक माह जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, लेकिन करीब एक साल से लोगों के न पहुंचने के कारण जनता दरबार फ्लॉप साबित हो रहे हैं। ऐसा नहीं है कि लोगों की समस्याएं खत्म हो गई है और इसलिए वे जनता दरबारों में नहीं पहुंच रहे हैं, अगर ऐसा होता तो प्रशासन की ओर से लॉंच किए गए माई रुड़की एप पर दो दिन में 200 से ज्यादा समस्याओं का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं होते। अभी तक इस एप पर एक हजार से अधिक ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी है। इस एप को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेल प्रभारी विनीत त्यागी ने बताया कि एप में जरूरत के हिसाब से समय-समय पर बदलाव भी किया जाएगा।
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ऑनलाइन शिकायतों के लिए तैयार किए गए माई रुड़की एप लोगों के बीच तेजी से पहुंच रहा है और इसकी लोकप्रियता भी बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गूगल प्ले स्टोर में इस एप की रैकिंग आठवें स्थान पर है। यानी गूगल प्ले एप खोलते ही माई रुड़की एप आठवें स्थान पर दिखता है। इस एप को अभी तक 3483 लोग डाउनलोड कर चुके हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बताया कि शिकायत मिलने पर शिकायतकर्ता को न केवल ऑनलाइन रसीद मिलेगी बल्कि शिकायत के स्टेटस के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी। शिकायतों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर कराने का प्रयास किया जाएगा।
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इस एप में एक दिक्कत यह भी है कि फिलहाल शिकायत निवारण प्रकोष्ठ सेल इन शिकायतों का प्रिंट आउट निकालकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भेजता है। जहां से इसे संबंधित विभाग को डाक के जरिए भेजा जाता है। कई बार डाक भेजने में समय लग जाता है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बताया कि जल्द ही सभी विभागों की मेल आईडी एकत्र कर इन शिकायतों को हाथोंहाथ विभागों को फारवर्ड किया जाएगा।
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