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कोहरे ने दिन में भी कराया रात का अहसास
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:01 AM IST
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रुड़की।
कड़ाके की ठंड और कोहरा बुधवार को भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहा। घने कोहरे ने तो रुड़की और आसपास के क्षेत्र में दिन में भी रात का अहसास कराया। वाहन चालक जहां दोपहर तक वाहनों की लाइटें जलाकर चलते रहे वहीं दूसरी और कड़ाके की ठंड के कारण बाजारों से भी रौनक गायब रही। लोग देर से ही घरों से निकले।
बुधवार की सुबह अन्य दिनों से कही ज्यादा कोहरा देखते को मिला। स्थित यह थी कि एक मीटर दूर तक भी दिखाई नहीं दे रहा था। भीषण कोहरे के कारण लोग दोपहर तक भी वाहनों की लाइटें जलाकर ही चलते रहे। रुड़की के साथ लक्सर, भगवानपुर, झबरेड़ा और लंढौरा आदि क्षेत्रों के बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा।
नारसन में पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड और कोहरे से किसान बेहद परेशान है। कोहरे से खेतों में खड़ी गन्ने और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रमोद, जयवीर, ओमसिंह और राजीव आदि का कहना है कि यही हालात अगर कोहरे के रहे तो खेतों में खड़ी फसल पूरी तरीके से बर्बाद हो जाएगी जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। कोहरे के सितम के चलते किसान खेत से मिल तक गन्ने को ले जाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने को ले जाने के लिए जहां मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं , वहीं दूसरी ओर चीनी मिल में किसानों के ठहरने की कोई व्यवस्था मिल प्रबंधन नहीं करता है। यहां अलाव की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है । दो दो दिन तक गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां तुलवाने के लिए किसान खुले आसमान के नीचे तौल केंद्र पर खड़े रहते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
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कड़ाके की ठंड और कोहरा बुधवार को भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहा। घने कोहरे ने तो रुड़की और आसपास के क्षेत्र में दिन में भी रात का अहसास कराया। वाहन चालक जहां दोपहर तक वाहनों की लाइटें जलाकर चलते रहे वहीं दूसरी और कड़ाके की ठंड के कारण बाजारों से भी रौनक गायब रही। लोग देर से ही घरों से निकले।
बुधवार की सुबह अन्य दिनों से कही ज्यादा कोहरा देखते को मिला। स्थित यह थी कि एक मीटर दूर तक भी दिखाई नहीं दे रहा था। भीषण कोहरे के कारण लोग दोपहर तक भी वाहनों की लाइटें जलाकर ही चलते रहे। रुड़की के साथ लक्सर, भगवानपुर, झबरेड़ा और लंढौरा आदि क्षेत्रों के बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा।
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नारसन में पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड और कोहरे से किसान बेहद परेशान है। कोहरे से खेतों में खड़ी गन्ने और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रमोद, जयवीर, ओमसिंह और राजीव आदि का कहना है कि यही हालात अगर कोहरे के रहे तो खेतों में खड़ी फसल पूरी तरीके से बर्बाद हो जाएगी जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। कोहरे के सितम के चलते किसान खेत से मिल तक गन्ने को ले जाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने को ले जाने के लिए जहां मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं , वहीं दूसरी ओर चीनी मिल में किसानों के ठहरने की कोई व्यवस्था मिल प्रबंधन नहीं करता है। यहां अलाव की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है । दो दो दिन तक गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां तुलवाने के लिए किसान खुले आसमान के नीचे तौल केंद्र पर खड़े रहते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
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