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लाखों खर्च के 12 साल बाद भी नसीब नहीं पानी की एक बूंद

Wed, 18 Apr 2018 12:36 AM IST
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:36 AM IST
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लाखों खर्च के 12 साल बाद भी नसीब नहीं पानी की एक बूंद
पिरान कलियर। क्षेत्र के मोहम्मदपुर पांडा और इमलीखेड़ा गांव में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। गांव में स्वजल योजना के तहत बनाए गए ओवरहैड टैंक बिना बिजली के कनेक्शन के शोपीस बने हुए हैं। इसके अलावा गांव में अधिकांश हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। ऐसे में चंद हैंडपंपों से ग्रामीण प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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वर्ष-2005 में लाखों खर्च कर मोहम्मदपुर पांडा और इमलीखेड़ा गांव में ओवरहैड टैंक बनाए गए थे। इससे ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके सामने पानी का संकट नहीं रहेगा। मोहम्मदपुर पांडा में टैंक में आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है। जिस समय टैंक बनाया गया था उस समय तत्कालीन प्रधान ने जुगाड़ कर टैंक चालू तो करा दिया, लेकिन स्थायी कनेक्शन का इंतजाम न होने से एक-दो माह बाद ही टैंक ठप हो गया। यही हाल इमलीखेड़ा के ओवरहैड टैंक का है। करीब दो वर्ष चलने के बाद उसका बोरिंग फेल हो गया था। जिसकी वजह से 12 वर्ष से यह खराब पड़ा है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है।
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ओवरहैड टैंक बनाकर और चालू कर गांव में बनाई गई समिति को सौंप दिया जाता है। समिति ही गांव से बिल और पानी का चार्ज वसूल करती है और देखरेख करती है। टैंक की सभी जिम्मेदारी समिति की होती है। स्वजल का कोई अधिकार नहीं रहता है।
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संजीव राय, स्वजल परियोजना प्रबंधक

स्वजल के अधिकारियों को अपने नाम कनेक्शन कराकर ग्रामीणों से इसका बिल वसूलना चाहिए और ओवरहैड टैंक को चालू करना चाहिए।
-पवन कुमार, प्रधानपति मोहम्मदपुर पांडा

अधिकारियों के कई बार चक्कर काट चुके हैं, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है। स्वजल के अधिकारियों को ओवर टैंक के बोरिंग और ट्यूबवेल को ठीक कराकर चालू किया जाए। जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना न पड़े।
-सरिता, ग्राम प्रधान इमलीखेड़ा

देहात में ठप्प होने लगे हैंडपंप, कैसे बुझे प्यास
पिरान कलियर। कलियर नगर पंचायत में करीब एक दर्जन हैंडपंप खराब पड़े हैं। इमलीखेड़ा में करीब 15, मेहवड़ कला में पांच, रांघड़वाला में 10, मेहवड़ खुर्द 10, मोहम्मदपुर पांडा में पांच, सोहलपुर माजरी में पांच, बाजूहेड़ी में हैंडपंप खराब पड़े हैं। देहात क्षेत्र में भी अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिसके चलते ग्रामीण चंद हैंडपंप और एकाध सबमर्सिबल के सहारे किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।


समय-समय पर हैंडपंपों को ठीक कराया जाता है। ग्राम प्रधानों की ओर से हैंडपंप खराब होने की सूची आने पर हैंडपंपों को ठीक करा दिया जाएगा।
-मोहम्मद मीसम, अधिशासी अभियंता जल निगम

500 मीटर में एकमात्र हैंडपंप भी खराब
चुड़ियाला। गर्मी की शुरूआत होने से पहले ही क्षेत्र के अधिकतर सरकारी हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। चुड़ियाला रेलवे स्टेशन की फाटक के पास सहारनपुर बस स्टॉप पर तेज्जुपुर ग्राम पंचायत द्वारा लगाया गया हैंडपंप कई माह से खराब पड़ा है। यह हैंडपंप चुड़ियाला स्टेशन आने जाने वाले यात्रियों सहित स्थानीय लोगों व दुकानदारों की प्यास बुझाता था। दुकानदार अंकित परमार, कुलदीप सिंह, मिंटू, कालूराम व रमेशचंद आदि ने बताया कि लगभग 500 मीटर के दायरे में यह एकमात्र सरकारी हैंडपंप था, जो अब महीनों से खराब पड़ा है। इसकी ग्राम प्रधान मांगेराम से भी शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
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