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़अब रुड़की के प्राइवेट अस्पतालों में मिल सकेगा कर्मचारियों को इलाज
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:09 AM IST
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रुड़की/भगवानपुर। अब फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को रुड़की के निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। अभी तक ईएसआईसी (इंप्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कारपोरेशन) स्कीम के तहत कर्मचारियों को देहरादून और हरिद्वार के बड़े अस्पतालों में यह सुविधा मिल रही थी। भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित बैठक में उद्यमियों की मांग पर जिलाधिकारी ने रुड़की के अस्पतालों को पैनल सूची में शामिल करने की व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान उद्यमियों ने सड़क, जल निकासी और अबाधित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने जल्द समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिलाया है।
जिलाधिकरी दीपक रावत ने शुक्रवार को भगवानपुर से सटे रायपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एवरेस्ट फैक्ट्री में उद्यमियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं जानी। इस दौरान उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हुए दस वर्ष से अधिक का समय हो गया है लेकिन, यहां अभी सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पाया है। ऊर्जा निगम की ओर से एक क्षेत्र में फाल्ट ठीक कराए जाने के दौरान पूरे औद्योगिक क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है। इस पर डीएम ने बिजली काटे जाने पर तुरंत उन्हें फोन पर सूचित करने को कहा। बैठक में रुड़की औद्योगिक क्षेत्र से पहुंचे उद्यमी एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश ने बताया कि फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। ईएसआईसी के तहत रुड़की के निजी अस्पताल पैनल की सूची में नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों पर इलाज का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जबकि वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन में स्वास्थ्य बीमा के रूप में रकम काटी जा रही है। इस पर डीएम ने जल्द रुड़की के निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने का आश्वासन दिया। भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कुमार ने सड़कों पर गड्ढों की परेशानी उठाते हुए बताया कि इससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है। बैठक में उद्यमियों ने कहा कि उनकी ओर से सरकार को भारी राजस्व दिया जा रहा है। बावजूद इसके उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिलाधिकारी ने जल्द सभी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा उद्यमियों को दिया।
उद्यमियों से मांगी नौकरियों की डिमांड
रुड़की। उद्यमियों के साथ हुई बैठक में जिलाधिकारी ने क्षेत्र के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दिलाने और कॅरियर काउंसिलिंग कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि वे सभी अपने यहां रिक्त पद बताएं। साथ ही यह भी बताएं कि उन्हें किन योग्यता आधारित युवाओं की जरूरत है। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग किए जाने की जरूरत है।
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गौरतलब है कि क्षेत्र में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। खासतौर पर शैक्षिक संस्थानों से डिग्री हासिल करने वाले युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। इस दौरान उद्यमियों ने बताया कि वे अपने स्तर से युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। साथ ही नौकरियां भी दी जा रही हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक से भी युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग की योजना तैयार कर फैक्ट्रियों की जरूरत के हिसाब से उन्हें रोजगार दिलाने के निर्देश दिए।
रुड़की औद्योगिक क्षेत्र में हटेगा अतिक्रमण
- उद्यमियों की ओर से रुड़की औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण और जल निकासी की समस्या को डीएम ने गंभीरता से लिया है। बैठक में उन्होंने ने एएसडीएम प्रेमलाल को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उद्यमियों ने बताया कि क्षेत्र में एक तालाब पर कब्जा कर कालोनियां बना दी हैं। जिसके कारण निकासी अवरुद्ध हो रहा है। इसके अलावा उद्यमियों ने पालीटेक्निक की जमीन से ड्रेनेज सिस्टम निकाले जाने का सुझाव दिया। डीएम ने जल्द क्षेत्र का भ्रमण कर समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया।
कोई भी स्कूल न रहे शौचालय विहीन:डीएम
रुड़की। जिलाधिकारी दीपक रावत ने उद्यमियों के साथ आयोजित बैठक में पूछा कि वे सीएसआर फंड का पैसा किन समाजसेवी कार्यों में खर्च कर रहे हैं। इस पर उद्यमियों ने बताया कि उनकी ओर से क्षेत्र के तमाम सरकारी स्कूलों में फर्नीचर आदि की व्यवस्था कराई जा रही हैं। इसके अलावा भी स्कूलों में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस पर डीएम ने कहा कि उद्यमी सभी स्कूलों में शौचालय और स्वच्छ पेयजल आदि कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी स्कूल शौचालय विहीन न रहे।
बच्चों का कुपोषण दूर करने और वैक्सीनेशन में सहयोग की अपील
-डीएम ने कहा कि क्षेत्र में बच्चों का कुपोषण दूर करना जरूरी है। उनका पोषित आहार मिल सके इसके लिए उद्यमियों को आंगनबाड़ी केंद्रों की मदद को आगे आना होगा। उद्यमियों ने उन्हें हर संभव मदद देने का भरोसा दिया। साथ ही डीएम ने बताया कि वैक्सीनेशन का लाभ शत प्रतिशत बच्चों को न मिल पाने के कारण इस तरह के अभियानों को सफलता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि 20 से 25 प्रतिशत बच्चों अब भी वैक्सीनेशन से अछूते हैं।
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जिलाधिकरी दीपक रावत ने शुक्रवार को भगवानपुर से सटे रायपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एवरेस्ट फैक्ट्री में उद्यमियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं जानी। इस दौरान उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हुए दस वर्ष से अधिक का समय हो गया है लेकिन, यहां अभी सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पाया है। ऊर्जा निगम की ओर से एक क्षेत्र में फाल्ट ठीक कराए जाने के दौरान पूरे औद्योगिक क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है। इस पर डीएम ने बिजली काटे जाने पर तुरंत उन्हें फोन पर सूचित करने को कहा। बैठक में रुड़की औद्योगिक क्षेत्र से पहुंचे उद्यमी एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश ने बताया कि फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। ईएसआईसी के तहत रुड़की के निजी अस्पताल पैनल की सूची में नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों पर इलाज का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जबकि वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन में स्वास्थ्य बीमा के रूप में रकम काटी जा रही है। इस पर डीएम ने जल्द रुड़की के निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने का आश्वासन दिया। भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कुमार ने सड़कों पर गड्ढों की परेशानी उठाते हुए बताया कि इससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है। बैठक में उद्यमियों ने कहा कि उनकी ओर से सरकार को भारी राजस्व दिया जा रहा है। बावजूद इसके उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिलाधिकारी ने जल्द सभी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा उद्यमियों को दिया।
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उद्यमियों से मांगी नौकरियों की डिमांड
रुड़की। उद्यमियों के साथ हुई बैठक में जिलाधिकारी ने क्षेत्र के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दिलाने और कॅरियर काउंसिलिंग कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि वे सभी अपने यहां रिक्त पद बताएं। साथ ही यह भी बताएं कि उन्हें किन योग्यता आधारित युवाओं की जरूरत है। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग किए जाने की जरूरत है।
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गौरतलब है कि क्षेत्र में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। खासतौर पर शैक्षिक संस्थानों से डिग्री हासिल करने वाले युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। इस दौरान उद्यमियों ने बताया कि वे अपने स्तर से युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। साथ ही नौकरियां भी दी जा रही हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक से भी युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग की योजना तैयार कर फैक्ट्रियों की जरूरत के हिसाब से उन्हें रोजगार दिलाने के निर्देश दिए।
रुड़की औद्योगिक क्षेत्र में हटेगा अतिक्रमण
- उद्यमियों की ओर से रुड़की औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण और जल निकासी की समस्या को डीएम ने गंभीरता से लिया है। बैठक में उन्होंने ने एएसडीएम प्रेमलाल को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उद्यमियों ने बताया कि क्षेत्र में एक तालाब पर कब्जा कर कालोनियां बना दी हैं। जिसके कारण निकासी अवरुद्ध हो रहा है। इसके अलावा उद्यमियों ने पालीटेक्निक की जमीन से ड्रेनेज सिस्टम निकाले जाने का सुझाव दिया। डीएम ने जल्द क्षेत्र का भ्रमण कर समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया।
कोई भी स्कूल न रहे शौचालय विहीन:डीएम
रुड़की। जिलाधिकारी दीपक रावत ने उद्यमियों के साथ आयोजित बैठक में पूछा कि वे सीएसआर फंड का पैसा किन समाजसेवी कार्यों में खर्च कर रहे हैं। इस पर उद्यमियों ने बताया कि उनकी ओर से क्षेत्र के तमाम सरकारी स्कूलों में फर्नीचर आदि की व्यवस्था कराई जा रही हैं। इसके अलावा भी स्कूलों में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस पर डीएम ने कहा कि उद्यमी सभी स्कूलों में शौचालय और स्वच्छ पेयजल आदि कराने में मदद करें। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी स्कूल शौचालय विहीन न रहे।
बच्चों का कुपोषण दूर करने और वैक्सीनेशन में सहयोग की अपील
-डीएम ने कहा कि क्षेत्र में बच्चों का कुपोषण दूर करना जरूरी है। उनका पोषित आहार मिल सके इसके लिए उद्यमियों को आंगनबाड़ी केंद्रों की मदद को आगे आना होगा। उद्यमियों ने उन्हें हर संभव मदद देने का भरोसा दिया। साथ ही डीएम ने बताया कि वैक्सीनेशन का लाभ शत प्रतिशत बच्चों को न मिल पाने के कारण इस तरह के अभियानों को सफलता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि 20 से 25 प्रतिशत बच्चों अब भी वैक्सीनेशन से अछूते हैं।