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मंदिर की निगरानी करेगी दस सदस्यीय समिति
Updated Mon, 03 Dec 2018 12:35 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
सुल्तानपुर क्षेत्र में स्थित पंचलेश्वर महादेव मंदिर की निगरानी अब दस सदस्यीय समिति करेगी। इसके लिए ग्रामीणों ने बैठक कर समिति का गठन किया। जिसकी जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई।
सुल्तानपुर क्षेत्र में पश्चिम मुहानी गंगा के निकट प्राचीन पंचलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। लोगों की मान्यता है कि पूरे भारत में सुल्तानपुर के निकट एक ऐसी गंगा है, जहां पर गंगा विपरीत दिशा में बह रही है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांचों पांडव अज्ञातवास के दौरान गंगा के किनारे पर आये थे और उन्होंने यहां पर तपस्या भी की थी। इतना ही नहीं बाद में किसानों को खेती के दौरान यहां से काफी प्राचीन काल की चीजें मिली है। जिन्हें पचलेश्वर मंदिर में रखा गया है, लेकिन कुछ दिनों से कुछ दबंग लोग मंदिर के पास स्थित जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जमीन की निगरानी के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को बैठक आयोजित की। इसमें मंदिर के आसपास स्थित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने भी भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति के बाद मंदिर की संपत्ति की निगरानी के लिए एक दस सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया। इस पर सभी ग्रामीणों ने सहमति जताई। सर्वसम्मति से सुमेर चंद को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ऋषिपाल को कोषाध्यक्ष व शिवकुमार को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। राजाराम, आदित्य, रामकिशन, राजपाल, जय कुमार, विनय को सदस्य बनाया गया है। इस दौरान बैठक में वैभव सैनी, रामचंद्र, शीशपाल, जयचंद मुंशी, राजकुमार, पंडित श्यामलाल, साधना आर्य, उपासना, बीर सिंह आदि शामिल रहे।
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सुल्तानपुर क्षेत्र में स्थित पंचलेश्वर महादेव मंदिर की निगरानी अब दस सदस्यीय समिति करेगी। इसके लिए ग्रामीणों ने बैठक कर समिति का गठन किया। जिसकी जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई।
सुल्तानपुर क्षेत्र में पश्चिम मुहानी गंगा के निकट प्राचीन पंचलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। लोगों की मान्यता है कि पूरे भारत में सुल्तानपुर के निकट एक ऐसी गंगा है, जहां पर गंगा विपरीत दिशा में बह रही है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांचों पांडव अज्ञातवास के दौरान गंगा के किनारे पर आये थे और उन्होंने यहां पर तपस्या भी की थी। इतना ही नहीं बाद में किसानों को खेती के दौरान यहां से काफी प्राचीन काल की चीजें मिली है। जिन्हें पचलेश्वर मंदिर में रखा गया है, लेकिन कुछ दिनों से कुछ दबंग लोग मंदिर के पास स्थित जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जमीन की निगरानी के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को बैठक आयोजित की। इसमें मंदिर के आसपास स्थित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने भी भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति के बाद मंदिर की संपत्ति की निगरानी के लिए एक दस सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया। इस पर सभी ग्रामीणों ने सहमति जताई। सर्वसम्मति से सुमेर चंद को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ऋषिपाल को कोषाध्यक्ष व शिवकुमार को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। राजाराम, आदित्य, रामकिशन, राजपाल, जय कुमार, विनय को सदस्य बनाया गया है। इस दौरान बैठक में वैभव सैनी, रामचंद्र, शीशपाल, जयचंद मुंशी, राजकुमार, पंडित श्यामलाल, साधना आर्य, उपासना, बीर सिंह आदि शामिल रहे।
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