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ोडवेज बस अड्डे पर गंदगी के अंबार, यात्रियों को परेशानी
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। टूटी सड़कें, दुर्गंध देते शौचालय, चारों तरफ गंदगी का अंबार, खराब हैंडपंप और वॉटर कूलर। यह तस्वीर है रुड़की रोडवेज बस अड्डे की। करीब छह दशक पहले बने इस बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का कोई विस्तार नहीं किया गया। यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए लगाया गया हैंडपंप व कूलर भी पांच साल से खराब हैं।
शिक्षा नगरी में रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। बसों और यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद बस स्टैंड की सुख-सुविधा का बढ़ाने को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रोडवेज बस स्टैंड पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने से जहां-तहां गंदगी के अंबार लगे रहते हैं। जरा सी बारिश होने पर रोडवेज डिपो के अंदर भारी पानी जमा हो जाता है। कार्यालय की छतों से पानी टपकने से हादसे का डर बना रहता है। रोडवेज के आसपास बिकने वाले खाने- पीने के सामान की शुद्धता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शौचालय के बाहर दुकानों पर खुले में ही खाने- पीने का सामान बेचा जा रहा है। बावजूद इसके रोडवेज प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग बेखबर बना हुआ है।
51 बसें हैं रुड़की डिपो में
रोडवेज डिपो में 36 बसें रोडवेज परिवहन की है, जबकि 15 बसे अंडर टेकिंग हैं। यह बसें रुड़की से देहरादून, देवबंद, सहारनपुर, हरिद्वार, दिल्ली, काशीपुर, अंबाला व मेरठ आदि स्थानों के लिए रवाना होती हैं।
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समय सारिणी भी खराब
बसों की जानकारी करने के लिए लगाई गई समय सारणी कई वर्षों पुरानी हैं। बसें बढ़ने के बाद भी समय सारणी में कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे यात्रियों को बसों की सही जानकारी नहीं मिल पाती ।
रोडवेज जनसेवा से जुड़ा हुआ है। यात्रियों को सुविधा देने के लिए रोडवेज प्रशासन सतर्क रहता है। अगर रोडवेज बस अड्डे पर हैंडपंप व वाटर कूलर खराब हैं तो उन्हें ठीक कराया जाएगा। वहीं रोडवेज बस अड्डे पर फैली गंदगी को दिखवाया जाएगा।
-आलोक बनवाल, प्रभारी एजीएम रोडवेज रुड़की डिपो
रुड़की। टूटी सड़कें, दुर्गंध देते शौचालय, चारों तरफ गंदगी का अंबार, खराब हैंडपंप और वॉटर कूलर। यह तस्वीर है रुड़की रोडवेज बस अड्डे की। करीब छह दशक पहले बने इस बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं का कोई विस्तार नहीं किया गया। यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए लगाया गया हैंडपंप व कूलर भी पांच साल से खराब हैं।
शिक्षा नगरी में रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। बसों और यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद बस स्टैंड की सुख-सुविधा का बढ़ाने को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रोडवेज बस स्टैंड पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने से जहां-तहां गंदगी के अंबार लगे रहते हैं। जरा सी बारिश होने पर रोडवेज डिपो के अंदर भारी पानी जमा हो जाता है। कार्यालय की छतों से पानी टपकने से हादसे का डर बना रहता है। रोडवेज के आसपास बिकने वाले खाने- पीने के सामान की शुद्धता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शौचालय के बाहर दुकानों पर खुले में ही खाने- पीने का सामान बेचा जा रहा है। बावजूद इसके रोडवेज प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग बेखबर बना हुआ है।
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51 बसें हैं रुड़की डिपो में
रोडवेज डिपो में 36 बसें रोडवेज परिवहन की है, जबकि 15 बसे अंडर टेकिंग हैं। यह बसें रुड़की से देहरादून, देवबंद, सहारनपुर, हरिद्वार, दिल्ली, काशीपुर, अंबाला व मेरठ आदि स्थानों के लिए रवाना होती हैं।
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समय सारिणी भी खराब
बसों की जानकारी करने के लिए लगाई गई समय सारणी कई वर्षों पुरानी हैं। बसें बढ़ने के बाद भी समय सारणी में कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे यात्रियों को बसों की सही जानकारी नहीं मिल पाती ।
रोडवेज जनसेवा से जुड़ा हुआ है। यात्रियों को सुविधा देने के लिए रोडवेज प्रशासन सतर्क रहता है। अगर रोडवेज बस अड्डे पर हैंडपंप व वाटर कूलर खराब हैं तो उन्हें ठीक कराया जाएगा। वहीं रोडवेज बस अड्डे पर फैली गंदगी को दिखवाया जाएगा।
-आलोक बनवाल, प्रभारी एजीएम रोडवेज रुड़की डिपो