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डीआईजी ने सेल्फी लेने वालों के किया आगाह
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:36 AM IST
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रुड़की। इन दिनों चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। उत्तराखंड की ओर भारी संख्या में सैलानी रुख कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो सालों में दुनिया भर में सेल्फी लेते समय हुई 200 लोगों की मौत के मद्देनजर डीआईजी पुष्पक ज्योति ने सोशल मीडिया के जरिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें उन्होंने सैलानियों से जान जोखिम में डालकर पहाड़ों, चट्टानों, झरनों और नदियों आदि के किनारे सेल्फी नहीं लेने की अपील की है।
डीआईजी पुष्पक ज्योति की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा है कि 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट आम जन के लिये विधिवत रुप से दर्शनार्थ खुल रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सेल्फी से सावधान रहने के साथ ही चार-धाम यात्रा के दौरान श्रृद्धालुओं को पहाड़ों के मौसम के अनुकूल गर्म कपड़े, रेनकोट आदि लाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि नदी, घाटों पहाड़ों, चट्टानों के किनारे खड़े होकर सेल्फी न ले। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेने के कारण विगत दो वर्षों में पूरी दुनिया में 200 मौतें हुई है। साथ ही जंगली जानवरों के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में भी लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर मृत्यु का शिकार हो जाते हैं।
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डीआईजी पुष्पक ज्योति की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा है कि 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट आम जन के लिये विधिवत रुप से दर्शनार्थ खुल रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सेल्फी से सावधान रहने के साथ ही चार-धाम यात्रा के दौरान श्रृद्धालुओं को पहाड़ों के मौसम के अनुकूल गर्म कपड़े, रेनकोट आदि लाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि नदी, घाटों पहाड़ों, चट्टानों के किनारे खड़े होकर सेल्फी न ले। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेने के कारण विगत दो वर्षों में पूरी दुनिया में 200 मौतें हुई है। साथ ही जंगली जानवरों के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में भी लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर मृत्यु का शिकार हो जाते हैं।
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