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प्राचीन समय से चली आ रही प्रचलित विधा है आयुर्वेद: अभिमन्यु
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:21 AM IST
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रुड़की। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय देहरादून के कुलपति डॉ. अभिमन्यु कुमार ने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन समय से प्रचलित विधा है, लेकिन अब लोगों में इसके प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत मामलों में छोटे बच्चों को एंटीबायोटिक दवाइयों की जरूरत ही नहीं होती है, बल्कि इन बच्चों को साइड इफैक्ट से बचाने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां दी जानी चाहिए।
कुलपति ने यह बात मंगलवार को बिशंभर सहाय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट रुड़की के 15वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि नव स्थापित बीएसआई मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों से आह्वान किया कि वह आयुर्वेद में शोध के जरिए इसे विश्वभर में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाए। इस दौरान बीएसआई अस्पताल का भ्रमण कर यहां किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि एवं सीसीआईएम के सदस्य रामाकांत शर्मा ने कहा केंद्र सरकार की आयुर्वेदिक विकास नीतियों के चलते राज्य में भी आयुर्वेदिक संस्थानों का महत्व बढ़ा है। संस्थान सचिव चंद्र भूषण शर्मा कहा कि संस्थान छात्रों को सुविधायुक्त उच्चकोटि की शिक्षा उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है। संस्थान निदेशक सौरभ भूषण ने कहा कि धर्म, योग और आयुर्वेद से ही देश विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने आयुर्वेद के जरिए समाज केे स्वस्थ बनाए जाने का आह्वान किया। समारोह को मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव भूषण और प्राचार्य एनडी वशिष्ट ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छात्रा गरिमा ने सरस्वती वंदना तथा विधि और विशु ने नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं हरीश, गायत्री, शिवांगी, गरिमा, विधि, आस्था ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर नाट्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस मौके डा. संतोष नायक, डॉ. फारहा अंसारी, डॉ. ज्योति, डॉ. शुभम, डॉ. सुनीत कुमार, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. सुशील कौशिक, शाहजेब आलम, प्रमोद वर्मा, बीएड विभाग की प्रवक्ता सुजाता भारती, प्रवीन कुमार, दिवाकर जैन, शिवानी , नीलम , मीना , गीता, शबनम, आयुषी, संजना, शाहीन, हुमा, दीपा, मीनू, लातिका आदि उपस्थित रहे।
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कुलपति ने यह बात मंगलवार को बिशंभर सहाय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट रुड़की के 15वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि नव स्थापित बीएसआई मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों से आह्वान किया कि वह आयुर्वेद में शोध के जरिए इसे विश्वभर में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाए। इस दौरान बीएसआई अस्पताल का भ्रमण कर यहां किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि एवं सीसीआईएम के सदस्य रामाकांत शर्मा ने कहा केंद्र सरकार की आयुर्वेदिक विकास नीतियों के चलते राज्य में भी आयुर्वेदिक संस्थानों का महत्व बढ़ा है। संस्थान सचिव चंद्र भूषण शर्मा कहा कि संस्थान छात्रों को सुविधायुक्त उच्चकोटि की शिक्षा उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है। संस्थान निदेशक सौरभ भूषण ने कहा कि धर्म, योग और आयुर्वेद से ही देश विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने आयुर्वेद के जरिए समाज केे स्वस्थ बनाए जाने का आह्वान किया। समारोह को मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव भूषण और प्राचार्य एनडी वशिष्ट ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छात्रा गरिमा ने सरस्वती वंदना तथा विधि और विशु ने नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं हरीश, गायत्री, शिवांगी, गरिमा, विधि, आस्था ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर नाट्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस मौके डा. संतोष नायक, डॉ. फारहा अंसारी, डॉ. ज्योति, डॉ. शुभम, डॉ. सुनीत कुमार, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. सुशील कौशिक, शाहजेब आलम, प्रमोद वर्मा, बीएड विभाग की प्रवक्ता सुजाता भारती, प्रवीन कुमार, दिवाकर जैन, शिवानी , नीलम , मीना , गीता, शबनम, आयुषी, संजना, शाहीन, हुमा, दीपा, मीनू, लातिका आदि उपस्थित रहे।
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