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विभागीय आदेश के बाद भी कक्षा खाली

Wed, 25 Apr 2018 12:20 AM IST
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:20 AM IST
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विभागीय आदेश के बाद भी कक्षा खाली
रुड़की। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद भी 11वीं की क्लास पूरी तरह खाली पड़ी हैं। विभाग ने इस वर्ष कक्षा दस की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद कक्षा ग्यारह की कक्षाएं संचालित करने का फैसला लिया था, लेकिन स्कूलों में कक्षा ग्यारह की कक्षाएं से छात्र-छात्राएं पूरी तरह नदारद हैं। अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग व्यवस्था को सुचारु करने के लिए क्या कदम उठाता है।
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शिक्षा विभाग में पिछलेे वर्ष की व्यवस्था के अनुसार कक्षा दस की परीक्षा दे चुके छात्र-छात्राएं रिजल्ट आने के बाद ही अगली कक्षा की पढ़ाई शुरू करते थे। इस व्यवस्था में छात्र-छात्राओं का समय काफी बरबाद होता था, जिससे सबब लेते हुए इस वर्ष एक नई व्यवस्था शुरू की थी। इसके तहत कक्षा दस की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को रिजल्ट आने से पहले की कक्षा ग्यारह की पढ़ाई सुचारु कर दी जाए, ताकि छात्र-छात्राओं के समय का उपयोग हो सके। यदि कोई छात्र अथवा छात्रा फेल हो जाती है, तो दोबारा उसे कक्षा दस में बैठा दिया जाएगा, लेकिन सरकार की यह व्यवस्था छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को पसंद नहीं आ रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि स्कूलों में कक्षा ग्यारह की क्लास सुनसान पड़ी हैं। स्कूलों में कक्षा ग्यारह की कक्षाओं में कुछेक छात्र-छात्राएं ही पहुंच रहीं हैं।
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क्या मानते हैं कारण
स्कूल प्रबंधकों का मानना है कि कक्षा दस पास करने के बाद कक्षा ग्यारह में छात्र-छात्राओं को विज्ञान, गणित, आर्ट, वाणिज्य आदि में से एक पाठ्यक्रम को चुनना होता है। इनका चुनाव छात्र-छात्राएं और उनके परिजन कक्षा दस में प्राप्त अंकों के आधार पर करते है। तो ऐसे में रिजल्ट आए बिना न तो छात्र-छात्राएं पाठ्यक्रम का चुनाव कर पाते है, जिससे चलते वह किस आधार पर स्कूलों में पहुंचे।
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नई व्यवस्था के अनुसार एक भी छात्र-छात्राएं कक्षा ग्यारह की कक्षा में नहीं आ रही हैं। विद्यालय में छात्र-छात्राओं को पहुंचने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

- मनोज सैनी, प्रधानाचार्य, केएलडीएवी इंटर कालेज
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इस वर्ष संस्थागत 110 छात्र-छात्राओं ने हाई स्कूल की परीक्षा दी थी, लेकिन नई व्यवस्था के अनुसार करीब दस छात्र-छात्राएं ही औसतन स्कूल आ रही हैं।
- शमशंकर सिंह, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीआईसी इंटर कालेज
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इस वर्ष संस्थागत 270 छात्र-छात्राओं ने हाई स्कूल की संस्थागत परीक्षा दी है, लेकिन छात्र-छात्राएं कक्षा ग्यारह में बैठने में फिलाल रूची नहीं दिखा रही हैं। प्रतिदिन औसतन सात-आठ छात्र-छात्राएं ही आ रहे हैं।
- अपर्णा जिंदल, प्रभारी प्रधानाचार्य, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज
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