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पीएम मोदी के कौशल अभियान को पलीता लगा रहा प्रशासन
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:12 AM IST
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लंढौरा। बिना लाइसेंस और डिग्री के क्लीनिक चला रहे चिकित्सकों ने प्रशासन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल भारत अभियान को पलीता लगाने का आरोप लगाया है। इन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश में बिना डिग्री के कुशल हाथों को ट्रेनिंग कोर्स कराकर काम करने के लिए प्रेरित कर रही है। जबकि प्रशासन इन्हें हतोत्साहित कर रहा है। इन चिकित्सकों ने प्रशासन की ओर से झोलाछाप शब्द का इस्तेमाल करने पर भी ऐतराज जताया है।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी के आदेश पर विगत रविवार को जिलेभर में बिना लाइसेंस और डिग्री के क्लीनिक संचालित कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिले में 45 क्लीनिक सील किए थे। अब इनके संचालक प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में उतर आए हैं। मंगलवार को जन सेवा स्वास्थ्य संगठन लंढौरा और मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले क्लीनिक एवं मेडिकल स्टोर संचालकों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंढौरा में बैठक कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान क्लीनिक संचालकों का कहना था कि मरीजों को फर्स्ट एड देना किसी तरह गलत नहीं कहा जा सकता। उनके द्वारा भी मरीजों का प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। कहीं कोई सर्जरी नहीं कर रहा है। संगठन के अध्यक्ष डा. दामोदर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी कौशल विकास योजना के तहत बिना डिग्री के कुशल कामगारों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जबकि उसके उलट प्रशासन उन्हें हतोत्साहित करने में लगा है। उन्होंने कहा कि कथित झोलाछाप चिकित्सक गांव में चिकित्सा की रीढ़ बने हुए हैं। उनके द्वारा कोई गैर कानूनी काम नहीं किया जा रहा है। विरोध करने वालों में संगठन के सचिव डा. मदन, उपाध्यक्ष डा. इलमचंद, कोषाध्यक्ष डा. अरुण राय, डा. फुरकान, डा. सतेंद्र कुमार, डा. मनोजपाल, डा. दिनेश, डा. राकेश, डा. हनीफ, डा. सचिन, डा. फुरकान अहमद अंसारी, डा. निर्मला, डा. खालिद, डा. प्रीतम, डा. शादाब, डा. प्रमोद, डा. शोहराब, डा. मोबीन, डा. जाहिद खान, डा. एके पांडे एसोसिएशन के अध्यक्ष अय्यूब आदि शामिल रहे।
एसीएमओ ने किया पीएचसी का निरीक्षण
लंढौरा (ब्यूरो)। एसीएमओ अशोक कुमार ने पीएचसी लंढौरा का निरीक्षण किया। उन्होंने फार्मासिस्ट और कर्मचारियाें के बीच चल रहे मनमुटाव पर चर्चा की। इसके अलावा सीज की गई दुकानों के कागजात भी चेक किए। अस्पताल में फैली अव्यवस्था की शिकायत पर मंगलवार को एसीएमओ अशोक कुमार ने पीएचसी लंढौरा का निरीक्षण किया। कुछ दिनों से पीएचसी लंढौरा में फार्मासिस्ट और कर्मचारियों के बीच चले रहे मनमुटाव पर भी बात की और उन्हें एकता बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कस्बे के उन चिकित्सकों से भी चर्चा की, जिनके क्लीनिक को जेएम ने सीज किए थे। उन्होंने डॉक्टरों से क्लीनिक के कागजात दिखाने को भी कहा।
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गौरतलब है कि जिलाधिकारी के आदेश पर विगत रविवार को जिलेभर में बिना लाइसेंस और डिग्री के क्लीनिक संचालित कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिले में 45 क्लीनिक सील किए थे। अब इनके संचालक प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में उतर आए हैं। मंगलवार को जन सेवा स्वास्थ्य संगठन लंढौरा और मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले क्लीनिक एवं मेडिकल स्टोर संचालकों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंढौरा में बैठक कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान क्लीनिक संचालकों का कहना था कि मरीजों को फर्स्ट एड देना किसी तरह गलत नहीं कहा जा सकता। उनके द्वारा भी मरीजों का प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। कहीं कोई सर्जरी नहीं कर रहा है। संगठन के अध्यक्ष डा. दामोदर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी कौशल विकास योजना के तहत बिना डिग्री के कुशल कामगारों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जबकि उसके उलट प्रशासन उन्हें हतोत्साहित करने में लगा है। उन्होंने कहा कि कथित झोलाछाप चिकित्सक गांव में चिकित्सा की रीढ़ बने हुए हैं। उनके द्वारा कोई गैर कानूनी काम नहीं किया जा रहा है। विरोध करने वालों में संगठन के सचिव डा. मदन, उपाध्यक्ष डा. इलमचंद, कोषाध्यक्ष डा. अरुण राय, डा. फुरकान, डा. सतेंद्र कुमार, डा. मनोजपाल, डा. दिनेश, डा. राकेश, डा. हनीफ, डा. सचिन, डा. फुरकान अहमद अंसारी, डा. निर्मला, डा. खालिद, डा. प्रीतम, डा. शादाब, डा. प्रमोद, डा. शोहराब, डा. मोबीन, डा. जाहिद खान, डा. एके पांडे एसोसिएशन के अध्यक्ष अय्यूब आदि शामिल रहे।
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एसीएमओ ने किया पीएचसी का निरीक्षण
लंढौरा (ब्यूरो)। एसीएमओ अशोक कुमार ने पीएचसी लंढौरा का निरीक्षण किया। उन्होंने फार्मासिस्ट और कर्मचारियाें के बीच चल रहे मनमुटाव पर चर्चा की। इसके अलावा सीज की गई दुकानों के कागजात भी चेक किए। अस्पताल में फैली अव्यवस्था की शिकायत पर मंगलवार को एसीएमओ अशोक कुमार ने पीएचसी लंढौरा का निरीक्षण किया। कुछ दिनों से पीएचसी लंढौरा में फार्मासिस्ट और कर्मचारियों के बीच चले रहे मनमुटाव पर भी बात की और उन्हें एकता बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कस्बे के उन चिकित्सकों से भी चर्चा की, जिनके क्लीनिक को जेएम ने सीज किए थे। उन्होंने डॉक्टरों से क्लीनिक के कागजात दिखाने को भी कहा।
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