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चेले ने सरेराह पकड़े पैर, लेकिन नहीं माने गुरु
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तहसील परिसर के प्रवेश द्वार पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन के लिए पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण और कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला का आमना सामना हुआ। पूर्व कैबिनेट मंत्री को देखते ही कांग्रेस प्रत्याशी ने उनके पैर पकड़ लिए। कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला नामांकन न करने और उनको समर्थन देने का शूरवीर सिंह सजवाण से अनुरोध करने लगे। इस बीच दोनों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी भी की, लेकिन शूरवीर ने कहा अब वे चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय ले चुके हैं। यह कहते हुए वह समर्थकों के साथ आगे बढ़ गए।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिठ नेता शूरवीर सिंह सजवाण ने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा सीट के लिए नामांकन करने का एलान किया था। शुक्रवार को शूरवीर नामांकन के लिए तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला नामांकन पत्र दाखिल कर बाहर आ रहे थे। जब दोनों का आमना समाना हुआ था तो कांग्रेस प्रत्याशी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री के पैर छुए। इस दौरान वे उनके पैर पकड़ कर बैठ गए और नामांकन न करने की गुजारिश करने लगे। उन्होंने शूरवीर सिंह से चुनाव में समर्थन करने का अनुरोध किया। यह देखते हुए शूरवीर के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर खड़े हो गए। वहीं जयेंद्र के समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। शूरवीर ने जयेंद्र से कहा कि वह चुनाव लड़ने का निर्णय ले चुके हैं। इसके बाद शूरवीर के समर्थक उनको कंधों पर उठाकर नामांकन के लिए ले गए। तहसील परिसर के बाहर इस घटना की चर्चा जोरों पर थी। कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोगों कह रहे थे कि इसे कहते हैं चुनावी मौसम में गुरु ने चेले की बात को ही टाल दिया। खैर अब गुरु और चेला दोनों चुनाव में आमने सामने होंगे।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिठ नेता शूरवीर सिंह सजवाण ने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा सीट के लिए नामांकन करने का एलान किया था। शुक्रवार को शूरवीर नामांकन के लिए तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र रमोला नामांकन पत्र दाखिल कर बाहर आ रहे थे। जब दोनों का आमना समाना हुआ था तो कांग्रेस प्रत्याशी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री के पैर छुए। इस दौरान वे उनके पैर पकड़ कर बैठ गए और नामांकन न करने की गुजारिश करने लगे। उन्होंने शूरवीर सिंह से चुनाव में समर्थन करने का अनुरोध किया। यह देखते हुए शूरवीर के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी जयेंद्र मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर खड़े हो गए। वहीं जयेंद्र के समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। शूरवीर ने जयेंद्र से कहा कि वह चुनाव लड़ने का निर्णय ले चुके हैं। इसके बाद शूरवीर के समर्थक उनको कंधों पर उठाकर नामांकन के लिए ले गए। तहसील परिसर के बाहर इस घटना की चर्चा जोरों पर थी। कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोगों कह रहे थे कि इसे कहते हैं चुनावी मौसम में गुरु ने चेले की बात को ही टाल दिया। खैर अब गुरु और चेला दोनों चुनाव में आमने सामने होंगे।
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