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Rishikesh News: ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के लिए रोडवेज की नई बस सेवा शुरू
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पर्वतीय रूट पर अनुबंधित बस के संचालन पर उठे सवाल
रोडवेज मुख्यालय ने ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच रोडवेज की नई बस सेवा शुरू कर दी है। यह नई बस अनुबंधित है। वहीं पर्वतीय रूट पर अनुबंधित बसों का संचालन करने पर रोडवेज के चालकों और परिचालकों ने सवाल उठाए हैं।
यह बस रोजाना सुबह सात बसे ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के लिए रवाना होगी। वहां से यह बस दोपहर दो बजे ऋषिकेश के लिए चलेगी। पहले दिन बस 22 सवारियों को लेकर रवाना हुई। इसका किराया 395 रुपये है। दरअसल पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित बसें कंडम हो चुकी हैं। इसलिए यहां नई बसें संचालित करने की मांग की जा रही थी। अब रोडवेज ने नई बस तो चलाई, लेकिन यह अनुबंधित बस है। ऐसे में इसके संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। डिपो के कई चालक परिचालकों ने परिचालकों ने रोडवेज मुख्यालय के इस कदम को गलत बताया है। उन्होंने बताया कि यदि रोडवेज में इसी तरह अनुबंधित बसों की संख्या लगातार बढ़ी तो भविष्य में विशेष श्रेणी के चालक परिचालकों के सामने का काम का संकट खड़ा हो जाएगा।
बसों की कमी पूरा करने के लिए अनुबंधित बस
पर्वतीय क्षेत्रों रोडवेज की अपनी बसें संचालित होती हैं, लेकिन ऋषिकेश बदरीनाथ, ऋषिकेश सोनप्रयाग, दिल्ली गुप्तकाशी, दिल्ली घनसाली, पौड़ी चंडीगढ़ रूट पर संचालित होने वाली अधिकांश बसों की स्थिति ठीक नहीं है। वहीं रोडवेज मुख्यालय से अपनी नई बसों की खरीद न किए जाने से फिलहाल इन मार्गों पर अनुबंधित बस चलाने की योजना बनाई जा रही है।
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ट्रायल के रूप में चलाई जा रही अनुबंधित बस
रोडवेज सूत्रों की माने तो रोडवेज मुख्यालय की योजना पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस चलाने की है। ऐसे में ट्रायल के रूप में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच अनुबंधित बस का संचालन किया जा रहा है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो अन्य रूटों पर भी अनुबंधित बसें संचालित होंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में रोडवेज की कमी है। बसों की कमी को पूरा करने के लिए इन रूटों पर अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। 100 बसें खरीदनी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब तीन महीने बाद नई बसें मिल जाएंगी।
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रोडवेज मुख्यालय ने ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच रोडवेज की नई बस सेवा शुरू कर दी है। यह नई बस अनुबंधित है। वहीं पर्वतीय रूट पर अनुबंधित बसों का संचालन करने पर रोडवेज के चालकों और परिचालकों ने सवाल उठाए हैं।
यह बस रोजाना सुबह सात बसे ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के लिए रवाना होगी। वहां से यह बस दोपहर दो बजे ऋषिकेश के लिए चलेगी। पहले दिन बस 22 सवारियों को लेकर रवाना हुई। इसका किराया 395 रुपये है। दरअसल पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित बसें कंडम हो चुकी हैं। इसलिए यहां नई बसें संचालित करने की मांग की जा रही थी। अब रोडवेज ने नई बस तो चलाई, लेकिन यह अनुबंधित बस है। ऐसे में इसके संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। डिपो के कई चालक परिचालकों ने परिचालकों ने रोडवेज मुख्यालय के इस कदम को गलत बताया है। उन्होंने बताया कि यदि रोडवेज में इसी तरह अनुबंधित बसों की संख्या लगातार बढ़ी तो भविष्य में विशेष श्रेणी के चालक परिचालकों के सामने का काम का संकट खड़ा हो जाएगा।
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बसों की कमी पूरा करने के लिए अनुबंधित बस
पर्वतीय क्षेत्रों रोडवेज की अपनी बसें संचालित होती हैं, लेकिन ऋषिकेश बदरीनाथ, ऋषिकेश सोनप्रयाग, दिल्ली गुप्तकाशी, दिल्ली घनसाली, पौड़ी चंडीगढ़ रूट पर संचालित होने वाली अधिकांश बसों की स्थिति ठीक नहीं है। वहीं रोडवेज मुख्यालय से अपनी नई बसों की खरीद न किए जाने से फिलहाल इन मार्गों पर अनुबंधित बस चलाने की योजना बनाई जा रही है।
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ट्रायल के रूप में चलाई जा रही अनुबंधित बस
रोडवेज सूत्रों की माने तो रोडवेज मुख्यालय की योजना पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस चलाने की है। ऐसे में ट्रायल के रूप में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच अनुबंधित बस का संचालन किया जा रहा है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो अन्य रूटों पर भी अनुबंधित बसें संचालित होंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में रोडवेज की कमी है। बसों की कमी को पूरा करने के लिए इन रूटों पर अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। 100 बसें खरीदनी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब तीन महीने बाद नई बसें मिल जाएंगी।