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बोर्ड बैठक में 36 प्रस्तावों पर लगी मुहर, 23 पार्षद बोर्ड बैठक में नहीं हुए शामिल

Mon, 22 Mar 2021 01:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 01:02 AM IST
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Referendum will be held on the saffronisation of Rishikesh
अखिल भारतीय संत को ज्ञापन देते निगम के पार्षद। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। बीते सप्ताह शहर को भगवा रंग में रंगने के मुद्दे पर हुए हंगामें के बाद अधूरी रह गई नगर निगम की बोर्ड बैठक मेयर अनिता ममगाईं की अध्यक्षता में रविवार को 23 पार्षदों की अनुपस्थति में शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई बोर्ड बैठक भगवा को लेकर जनमत संग्रह कराने पर सहमति बनीं तो 49 करोड़ का बजट पास किया गया।
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में भगवा पगड़ी पहनकर पहुंचे करीब 18 पार्षदों की उपस्थिति में बिना किसी शोर शराबे के चर्चा के बाद बाद बजट पास कर दिया गया। बैठक में कुल 49 करोड़ का बजट पास किया गया, जिसमें यूजर चार्जेज को चार लाख से बढ़ाकर छह लाख किया गया। बजट को 30 करोड़ और बढ़ाने के लिए बोर्ड में सहमति बनीं। नगर निगम की बोर्ड बैठक में करीब 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बोर्ड बैठक में 23 पार्षद उपस्थित नहीं हुए। वहीं अधिकांश मनोनीत पार्षदों ने बैठक से दूरी बनाए रखी। इस दौरान किसी प्रस्ताव पर हंगामा नहीं हुआ। शाम चार बजे बोर्ड बैठक खत्म हो गई।
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बैठक में नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह के क्वीरियाल, पार्षद मनीष शर्मा, विजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, मनीष बनावल, प्रमोद शर्मा, विपिन पंत, लक्ष्मी रावत, अनिता रैना, रुपा देवी, ज्योति अशोक पासवान, राकेश सिंह मिया, देवेंद्र प्रजापति, भगवान सिंह पंवार, गुरविंदर सिंह, अजीत गोल्डी, जगत नेगी, कमलेश जैन, अनिता प्रधान, कमला गुनसोला मौजूद रहे।
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यह प्रस्ताव हुए पास-
- पूर्व सैनिकों को भवनकर में पूरी तरह मिलेगी छूट, मार्च के बाद शिविर लगेगा।
- जो क्षेत्र नगर निगम शामिल हुए हैं वहां संपत्ति नंबर को पटवारी की नियुक्ति होगी। वह भूमि के साथ कर वसूली भी करेंगे।
- निगम के साइनबोर्ड में हिंदी के साथ संस्कृत भाषा भी लिखी जाएगी।
- वार्ड 12 में आवश्यकतानुसार बिजली के पोल 10 दिन में लगाए जाएंगे।
- वार्ड 37 मनसा देसी में गुज्जर प्लाट को जोड़ने वाले पुलिस क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण होगा।
- बापूग्राम, बीस बीघा वन भूमि वाले मामले को शासन को भेजा जाएगा।
- पुरानी चुंगी में अतिक्रमण हटाकर धर्मकांटा स्थापित होगा।
- आउटसोर्स का निरस्त कर दोबारा टेंडर करने के मामले में वकील से विधिक राय ली जाएगी।
- वार्डों में नालियों की सफाई के लिए कर्मचारियों संख्या बढ़ेेगी।
- शहर में छह स्थानों पर ई-रिक्शा स्टैंड बनाए जाएंगे, इस बारे भू-स्वामित्व का अध्ययन होगा।
- जेई भर्ती को शासन को भेजा जाएगा।
- जल संस्थान से सीवर का नगर निगम अपने पास लेगा।
- बनखंडी स्थित पंचायती स्कूल की भूमि को नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा।
- जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में त्रुटि को ठीक करने को लेकर विचार किया जाएगा।
- कुम्हारबाड़ा स्थित सामुदायिक केंद्र और शौचालय की बिजली का बिल चेक किया जाएगा।
- नगर निगम की ओर से वेंडर जोन में बसाए गए वेंडरों से किराया समिति तय करेगी।
- गोपालकुटी का जीर्णोद्धार बीओटी मोड में किया जाएगा।
- निगम के अलग अलग वार्डों के लिए करीब तीन हजार स्ट्रीट लाईटें खरीदी जाएंगी।
- प्रत्येक वार्ड और शहर के मध्य में हाईमास्ट लाइट लगाने के लिए सर्वे होगा।
- शहर के जो घाट हैं उनकी साफ सफाई का काम नमामि गंगे के बजट से होगा।
- आईएसबीटी और त्रिवेणीघाट पर वाहनों के शुल्क में इजाफा होगा, समिति निर्णय लेगी।
क्या है बीओटी
बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) परियोजना वित्त पोषण का एक रूप है। जिसमें निजी क्षेत्र एक बुनियादी ढांचा परियोजना का निर्माण करता है, इसे संचालित करता है और आखिरी परियोजना के स्वामित्व को सरकार को हस्तांतरित करता है।
होर्डिग्स की पॉलिसी तय होगी
बोर्ड बैठक मेें कर अधीक्षक रमेश रावत की ओर से सदन को अवगत कराया गया कि पूर्ववर्ती नगर पालिका की ओर से प्राइम लोकेशन की साइट को 15 साल के अनुबंध पर किसी कपंनी को दिया गया था। 2011 के विज्ञापन बायलाज के आधार पर ही विज्ञापनों को लेकर राजस्व वसूली हो रही है। प्रिंटर्स को भी नगर निगम की साइड पर विज्ञापन लगाने से पहले निगम की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के विज्ञापन लगाने वाले प्रिंटर्स पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की ओर से 89 साइट चिह्नित हो चुकी हैं।
कांजी हाउस के एक करोड़ का बजट
बैठक में कांजी हाउस के लिए भी एक करोड़ बजट रखने पर सहमति बनीं। कांजी हाउस के लिए वन विभाग के भूमि हस्तांतरण और और उस पर शेड आदि बनाने के लिए और बजट भी खर्च हो सकता है, इसके लिए एक समिति बनेगी, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। जरुरत पड़ने पर बजट में इजाफा होगा।
पांच साल तक ठेकेदार करेगा मरम्मत
कोयलघाटी से वीरपुर खुर्द तक चार किलोमीटर के क्षेत्र में सिंगल आर्म्स स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, उनका रखरखाव पांच साल ठेकेदार की ओर से किया जाएगा। स्ट्रीट लाइटों की वारंटी और संचालन भी ठेकेदार की ओर से किया जाएगा। निगम की ओर से जो स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं उनमें 2400 लाइटें सेंसर युक्त हैं। जो अपने आप जलेगी बुझेगी। जबकि 2600 स्ट्रीट लाइटें बिना सेंसर की हैं।
पार्षदों की भगवा पगड़ी बनी आकर्षण का केंद्र
नगर निगम की बोर्ड बैठक में कुछ पार्षद भगवा पगड़ी पहनकर पहुंचे थे, जो सभी के आकर्षण का केंद्र बने रहे। पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद, देवेंद्र प्रजापति, सरदार गुरविंदर सिंह और अजीत सिंह गोल्डी ने भगवा रंग की पगड़ी पहनी थी। पार्षद जगत सिंह नेगी और पार्षद शौकत अली बैठक में देरी से पहुंचे।
पार्षदों ने संत समिति को दिया ज्ञापन
ऋषिकेश। नगर निगम के दस पार्षदों ने भगवामय ऋषिकेश के समर्थन में संत समिति के अध्यक्ष स्वामी गोपालाचार्य महाराज को मायाकुंड स्थित कार्यालय में ज्ञापन दिया। समिति को दिए गए ज्ञापन में पार्षदों का कहना था कि मेयर अनिता ममगाईं की ओर से बोर्ड बैठक में जो प्रस्ताव लगाया गया था, हम उसका समर्थन करते हैं। यदि मेयर की ओर से उपरोक्त प्रस्ताव का वापस ले लिया गया हो तो हम सभी भाजपा पार्षद पूर्ण समर्थन के साथ सदन में प्रस्तुत करते हुए पास कराएंगे। ज्ञापन देने वालों विकास तेवतिया, जयेश राणा, सोनू प्रभाकर, शारदा सिंह, शिव कुमार गौतम, राजू दिवाकर, राम अवतारी पंवार सहित अन्य दो पार्षद मौजूद थे।
कोरम पूरा किए बिना ही पास करा दिया बजट
ऋषिकेश। निगम पार्षदों की ओर से बोर्ड बैठक को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बैठक से अनुपस्थित रहे पार्षदों ने बोर्ड बैठक में बजट पास कराने को मनमानी बताया। उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और गढ़वाल कमिश्नर से करने की बात कही है।
निगम पार्षद विकास तेवतिया और शिव कुमार गौतम ने कहा कि मुख्यनगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल की ओर से मेयर को गलत जानकारी देकर बोर्ड बैठक कराई गई, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि निगम एक्ट- 90 (1) के तहत किसी विशेष कार्य का संपादित करने के लिए बैठक में बोर्ड के सदस्यों की संख्या कम से कम आधी होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्य नगर आयुक्त की ओर से एक्ट 90 (3) की जो बात कही जा रही है, वह गलत है। उन्होंने कहा जक बोर्ड बैठक में जो बजट प्रस्ताव पास कराया गया, उसके खिलाफ पार्षदों की ओर से जिलाधिकारी, कमिश्नर को पत्र लिखा जाएगा।

कोट:
नगर निगम अधिनियम में व्यवस्था दी गई है, यदि नगर निगम की बोर्ड बैठक किन्हीं कारणों से किसी मुद्दे पर स्थागित हो जाती है और अध्यक्ष की अनुमति से अगली तिथि निर्धारित कर ली जाती है तो अगले बैठक में कोरम पूरा न होने का कोई मुद्दो ही नहीं बनता है। - नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश

 नगर निगम सभागार में बोर्ड की बैठक में अपनी बात रखता पार्षद।

नगर निगम सभागार में बोर्ड की बैठक में अपनी बात रखता पार्षद।- फोटो : RISHIKESH

 नगर निगम सभागार में बोर्ड की बैठक करतीं मेयर अनिता ममगाई ।

नगर निगम सभागार में बोर्ड की बैठक करतीं मेयर अनिता ममगाई ।- फोटो : RISHIKESH

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