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Rishikesh News: अब बीमारी को पछाड़कर एम्स से बाहर आया सिलक्यारा का सिपाही

Fri, 05 Jan 2024 11:23 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2024 11:23 PM IST
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Pushkar Singh of Champawat has now come out of AIIMS
I- पुष्कर के दिल में था जन्मजात छेद, एम्स के चिकित्सकों ने की सफल ओपन हार्ट सर्जरी
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I- स्वास्थ्य जांच के दौरान चिकित्सकों को चला था दिल में छेद होने का पताI



सिलक्यारा टनल हादसे के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले चम्पावत के पुष्कर सिंह अब गंभीर बीमारी को पछाड़कर एम्स से बाहर आ गए हैं। उनके दिल में जन्मजात छेद था, जिससे वह अंजान थे। एम्स के चिकित्सकों ने सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर उन्हें नया जीवन दिया है।

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे 41 श्रमिकों में चंपावत जिले का 24 वर्षीय पुष्कर सिंह भी शामिल था। 29 नवंबर 2023 को सभी श्रमिकों को रेस्क्यू कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया था। जहां चिकित्सकों ने श्रमिकों के स्वास्थ्य की सघन जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान इको कार्डियोग्राफी में कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. वरुण कुमार ने पुष्कर के दिल में छेद देखा। यह समस्या पुष्कर में जन्मजात रोग के रूप में थी। लेकिन पुष्कर इससे अंजान थे।
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ऐसे में डाॅ. वरुण ने इस जानकारी को सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी से साझा किया। इसके अलावा संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने भी इस मामले पर गंभीरता बरती और पुष्कर के स्वास्थ्य के संबंध में चिकित्सकों से बराबर समन्वय बनाए रखा।
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पुष्कर की हिम्मत और एम्स के अनुभवी चिकित्सकों की मेहनत के परिणाम स्वरूप जटिल ओपन हार्ट सर्जरी सफल रही। एम्स के हार्ट व लंग्स सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी ने बताया कि पुष्कर एम्स नहीं पहुंचता तो शायद उसे दिल में छेद होने की जानकारी का कभी पता ही नही चलता। वह रोजगार के लिए गया तो उत्तरकाशी था, लेकिन टनल में फंस जाने के कारण किस्मत उसे अन्य श्रमिकों के साथ एम्स ले आई।



उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2023 को पुष्कर शारीरिक और मानसिक तौर से सर्जरी करवाने के लिए सक्षम नहीं था। इसलिए सर्जरी के लिए उसे दोबारा एम्स बुलाया गया। यह सर्जरी 28 दिसंबर को की गई। सर्जरी करने वाली टीम में डाॅ. दरबारी के अलावा डाॅ. अविनाश, डाॅ. अंकित अग्रवाल और डाॅ. पूजा आहूजा शामिल रहे।





Iसीएम धामी भी ले रहे थे अपडेटI

एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पुष्कर के स्वास्थ्य की अपडेट ले रहे थे। इलाज राज्य सरकार की अटल आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क हुआ है। एम्स ऋषिकेश राज्य में अकेला ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है, जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत हार्ट व लंग्स सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।





Iभविष्य में यह होती परेशानीI



विशेषज्ञों के अनुसार उम्र कम होने के कारण पुष्कर को भले ही अभी कोई बड़ी परेशानी नजर न आ रही थी लेकिन उम्र बढ़ने पर शारीरिक गतिविधियों के बाद सांस लेेने में तकलीफ होना, काम करते वक्त अत्यधिक थकान महसूस होना और अनियमित स्तर पर तेजी से दिल धड़कने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। समय रहते सर्जरी हो जाने से उसे यह समस्या नहीं होगी।






Iएक हजार से अधिक लोगों की हो चुकी है सर्जरीI

एम्स का सीटीवीएस विभाग वर्ष 2017 में अस्तित्व में आया था। तब से अब तक विभाग के चिकित्सकों की ओर से एक हजार से अधिक लोगों के दिल और फेफड़े की सर्जरी की जा चुकी है।
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