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यात्रा में व्यवस्था जुटाने के बजट में कंजूसी
आलोक पंवार/ऋषिकेश।
Updated Wed, 19 Apr 2017 01:26 AM IST
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चारधाम यात्रा
- फोटो : Demo Pic
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चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी में छह माह साफ सफाई के लिए रखे जाने वाले अस्थायी सफाई कर्मियों के मानदेय में ही 22.50 लाख रुपये खर्च होने हैं। बस ट्रांजिट कंपाउंड में फोटोमीट्रिक पंजीकरण के लिए आने वाले तीर्थ यात्रियों को मौसम की मार से बचाने के लिए अस्थायी शेड, पेयजल व्यवस्था और मरम्मत कार्य अलग हैं।
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ऐसे में पालिका प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए शासन को अनुमानित 67.55 लाख का इस्टीमेट भेजा था, लेकिन अवमुक्त महज 15 लाख ही हुआ है। पालिका प्रशासन इसे ऊंट के मुंह में जीरा जैसा बता रहा है।
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उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव तीर्थनगरी ऋषिकेश है। यहां बाहरी प्रांतों से आने वाले तीर्थयात्री चारधाम बस ट्रांजिट कंपाउंड में फोटोमीट्रिक पंजीकरण के लिए पहुंचते हैं। पंजीकरण के बाद ट्रांजिट कंपाउंड से यात्री वाहनों में सवार होकर आस्थापथ की ओर रवाना होते हैं।
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तीर्थ यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। लिहाजा ट्रांजिट कंपाउंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों में सफाई व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए पालिका प्रशासन यात्रा काल के दौरान अतिरिक्त सीजनल सफाई कर्मियों की तैनाती करता है।
यहीं नहीं बीटीसी में फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र के बाहर पंजीकरण के लिए कतार में खड़े तीर्थयात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए अस्थायी शेड बनाया जाता है। पालिका सूत्रों की मानें तो इन व्यवस्थाओं में ही लगभग 25 लाख खर्च हो जाते हैं। अन्य व्यवस्थाएं अलग हैं।
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यात्रा सीजन के लिए करीब 50 अस्थायी सफाई कर्मियों की तैनाती होनी है। इनके मानदेय में 22.50 लाख खर्च का अनुमान है। यात्री सुविधा केंद्र में स्थित कमिश्नर कक्ष में एयर कंडिश्नर, एलईडी लगना प्रस्तावित है। बीटीसी में रंगाई पुताई, खराब ट्यूब लाइट, बल्ब भी बदलने हैं व अन्य मरम्मत कार्य होने हैं।
इसी के आधार पर 67.55 लाख का प्राक्कलन शासन को भेजा गया था। निर्धारित बजट में कटौती से व्यवस्थाएं प्रभावित होना लाजिमी हैं।
वीपीएस चौहान, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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नगर पालिका ऋषिकेश के विभिन्न मदों में व्यय के अनुमानित बजट के सापेक्ष में 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। धनराशि का चेक नगर पालिका प्रशासन को सौंप दिया गया है। यात्रा रूट पर पड़ने वाली करीब 25 नगर पालिका और पंचायतों को निर्धारित बजट से अपेक्षाकृत कम बजट मिला है।
मुनिकीरेती नगर पालिका को 10 लाख के सापेक्ष में दो लाख मिले हैं।
एके श्रीवास्तव, व्यैक्तिक सचिव, यात्रा प्रशासन संगठन