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हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में बने भू कानून
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देहरादून रोड स्थित गोपाल कुटी में बैठक करते राज्य आंदोलनकरी ।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति ने देहरादून रोड स्थित गोपाल कुटी में एक बैठक की। जिसमें उत्तराखंड में हिमाचल की तर्ज पर कठोर भू-कानून बनाने की मांग की।
समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में हिमाचल की तर्ज पर कठोर भू-कानून की आवश्यकता है। उत्तराखंड में मूल निवास को पुनर्जीवित कर उसकी कट ऑफ डेट 1950 रखी जाए। राज्य में आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया तेज की जाए। सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाए।
बैठक में बलवीर नेगी, संजय शास्त्री, गंभीर सिंह मेवाड़, सरोजनी थपलियाल, सोहन राणा, दर्शनी रावत, लक्ष्मी कंडवाल, सुशीला देवी, पूनम राणा, गुलाब सिंह रावत, रामेश्वरी रावत, पुष्पा रावत, कमला पोखरियाल, चंद्रा रतूड़ी, बीना बहुगुणा आदि थे।
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समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में हिमाचल की तर्ज पर कठोर भू-कानून की आवश्यकता है। उत्तराखंड में मूल निवास को पुनर्जीवित कर उसकी कट ऑफ डेट 1950 रखी जाए। राज्य में आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया तेज की जाए। सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाए।
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बैठक में बलवीर नेगी, संजय शास्त्री, गंभीर सिंह मेवाड़, सरोजनी थपलियाल, सोहन राणा, दर्शनी रावत, लक्ष्मी कंडवाल, सुशीला देवी, पूनम राणा, गुलाब सिंह रावत, रामेश्वरी रावत, पुष्पा रावत, कमला पोखरियाल, चंद्रा रतूड़ी, बीना बहुगुणा आदि थे।
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